कंपनी के नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Northern Arc Capital ने सोमवार को अपने चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए, जिसने शेयर बाजार को उत्साहित कर दिया। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के ₹47 करोड़ से बढ़कर ₹139 करोड़ हो गया, जो कि लगभग तीन गुना की बढ़ोतरी है। इस शानदार प्रदर्शन का मुख्य श्रेय नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) में 21% की वृद्धि को जाता है, जो बढ़कर ₹387 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, कंपनी की कुल आय (Total Income) भी ₹593 करोड़ से बढ़कर ₹735 करोड़ हो गई। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में भी सुधार देखने को मिला है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) घटकर 1.2% और नेट एनपीए (Net NPA) 0.6% पर आ गए हैं, जो कंपनी की बेहतर मैनेजमेंट स्किल्स को दर्शाते हैं।
आकर्षक वैल्यूएशन और सेक्टर की चाल
इस मजबूत नतीजे के दम पर Northern Arc Capital का शेयर 12% उछलकर ₹321.70 के 52-Week High पर पहुंच गया। फिलहाल, कंपनी का P/E (Price-to-Earnings) रेश्यो 10.8x से 14.9x के बीच है, जो इंडस्ट्री के बड़े खिलाड़ियों जैसे Bajaj Finance (P/E ~28.6x) और Shriram Finance (P/E ~19.3x) की तुलना में काफी आकर्षक है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹4,642 करोड़ से ₹4,930 करोड़ के बीच है और ROE (Return on Equity) 11.1% से 12.45% के बीच है, जो शेयरधारकों के निवेश पर बढ़िया रिटर्न दिखा रहा है।
NBFC सेक्टर भी 2026 में रिकवरी के संकेत दे रहा है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि FY27 तक लोन ग्रोथ 16-24% और प्रॉफिट ग्रोथ करीब 26% रह सकती है। Northern Arc Capital का लेंडिंग AUM (Assets Under Management) भी 22% बढ़कर ₹16,594 करोड़ हो गया है, जो सेक्टर की ग्रोथ के अनुरूप है।
RBI के नियमों का असर और राहत
हालांकि, डिजिटल लेंडिंग नियमों में बदलाव इस सेक्टर के लिए एक अहम मोड़ है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पारदर्शिता और ग्राहक सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। RBI के फरवरी 2026 के फैसले ने डिफॉल्ट लॉस गारंटी (DLG) नियमों में कुछ छूट दी है, जिससे NBFCs को कैपिटल प्रेशर से राहत मिली है। यह Northern Arc Capital जैसी कंपनियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है, जो डिजिटल लेंडिंग में रिस्क मैनेजमेंट के लिए ऐसे अरेंजमेंट्स का इस्तेमाल करती हैं।
जोखिम और एनालिस्ट्स की राय
इन सकारात्मक नतीजों और आकर्षक वैल्यूएशन के बावजूद, कुछ जोखिम बने हुए हैं। MSME लोन बुक में तेजी, जो कि एक अस्थिर सेगमेंट है, कंपनी के लिए चुनौती बन सकती है। साथ ही, अनिश्चित आर्थिक माहौल और उधारकर्ताओं द्वारा ज्यादा कर्ज लेना भी चिंता का विषय है। कंपनी का लक्ष्य FY2029 तक AUM को दोगुना करने का है, जिसके लिए उसे डिजिटल लेंडिंग नियमों का सावधानीपूर्वक पालन करना होगा और लागत प्रबंधन पर ध्यान देना होगा।
ब्रोकरेज फर्म्स इस शेयर पर फिलहाल उत्साहित हैं। DAM Capital ने ₹400 का टारगेट दिया है, जो 40% के अपसाइड की ओर इशारा करता है। Motilal Oswal ने 'Buy' रेटिंग के साथ ₹390 का टारगेट दिया है, जबकि ICICI Securities ने 'Buy' कॉल बरकरार रखते हुए टारगेट ₹370 कर दिया है। कंपनी मैनेजमेंट का प्लान अपनी भौगोलिक पहुंच का विस्तार करना, डिजिटल पार्टनरशिप को बढ़ाना और टेक्नोलॉजी में निवेश करना है।
