विदेशी निवेशकों द्वारा **13%** हिस्सेदारी बेचे जाने के बाद Northern Arc Capital के शेयरों में निवेशकों ने जोरदार खरीदारी की है। **₹278** प्रति शेयर के भाव पर हुई इस बड़ी ब्लॉक डील को घरेलू संस्थागत निवेशकों ने आसानी से सोख लिया, जिससे स्टॉक **₹311.65** पर बंद हुआ। हालांकि, बढ़ते क्रेडिट कॉस्ट के चलते गिरते मार्जिन पर नजर रखना जरूरी है।
बाजार की मजबूती का संकेत
31 अगस्त, 2026 को Northern Arc Capital के शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब विदेशी निवेशकों के एक समूह ने कंपनी में अपनी 13.12% हिस्सेदारी बेच दी। बाजार में ₹278 के भाव पर शेयरों की भारी सप्लाई होने के बावजूद, निवेशकों का भरोसा अडिग रहा और स्टॉक 9.06% उछलकर ₹311.65 के स्तर पर बंद हुआ।
कौन बना खरीदार?
Accion International, LeapFrog Investments और Eight Roads जैसे बड़े निवेशकों द्वारा बेचे गए इन शेयरों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने हाथों-हाथ लिया। इसमें Plutus Wealth Management और दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला से जुड़े Cohesion MK Best Ideas Sub-Trust के नाम शामिल हैं। इन बड़े नामों की एंट्री दर्शाती है कि कंपनी के बिजनेस मॉडल में संस्थागत निवेशकों का भरोसा अब भी कायम है।
फाइनेंशियल हेल्थ और मार्जिन का दबाव
कंपनी के प्रदर्शन की बात करें, तो फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में रेवेन्यू 35% बढ़कर ₹754.08 करोड़ रहा, वहीं नेट प्रॉफिट 17.5% उछलकर ₹122 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, चिंता का विषय EBITDA मार्जिन है, जो पिछले साल के 57.50% से घटकर 54.11% रह गया है।
आगे की राह
कंपनी का मार्जिन दबाव में है क्योंकि माइक्रोफाइनेंस और सिक्योर्ड बिजनेस लोन पोर्टफोलियो में क्रेडिट कॉस्ट और प्रोविजनिंग की जरूरतें बढ़ रही हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी बढ़ते लोन पोर्टफोलियो के साथ अपने मार्जिन को कैसे स्टेबल करती है। क्रेडिट क्वालिटी में कोई भी गिरावट भविष्य में मुनाफे पर असर डाल सकती है, इसलिए आने वाली तिमाहियों में कंपनी के पोर्टफोलियो प्रदर्शन पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
