निरव मोदी का दावा, यूके प्रत्यर्पण मामले में 'सनसनीखेज खुलासे' की उम्मीद।

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AuthorWhalesbook News Team|Published at:
निरव मोदी का दावा, यूके प्रत्यर्पण मामले में 'सनसनीखेज खुलासे' की उम्मीद।
Overview

यूके में जेल में बंद भगोड़े हीरा व्यापारी निरव मोदी ने लंदन कोर्ट को बताया है कि अगले महीने जब भारत प्रत्यर्पण का मामला फिर से खुलेगा तो इसमें महत्वपूर्ण विकास की उम्मीद है। मोदी ने बैंक ऑफ इंडिया द्वारा दायर 8 मिलियन डॉलर के एक अलग मामले में पेशी के दौरान यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी प्रत्यर्पण अपील से उन्हें बरी (discharge) या जमानत मिल सकती है।

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यूके में छह साल से अधिक समय से कैद भगोड़े हीरा व्यापारी निरव मोदी ने लंदन की अदालत को बताया है कि अगले महीने जब भारत प्रत्यर्पण (extradition) का मामला सुना जाएगा तो इसमें 'सनसनीखेज खुलासे' (sensational developments) होने की उम्मीद है। 54 वर्षीय मोदी, बैंक ऑफ इंडिया के 8 मिलियन डॉलर से अधिक के एक अप्राप्त ऋण (unpaid debt) से संबंधित एक अलग मामले में हाई कोर्ट में पेश हुए। 'Litigant in Person' के तौर पर अपना प्रतिनिधित्व करते हुए, मोदी ने अपनी जेल की स्थितियों के बारे में शिकायत की, जिसमें कंप्यूटर तक पहुंच और आंखों की रोशनी में कठिनाइयों का उल्लेख किया गया, जिसके कारण उन्हें लगता है कि कोई भी मुकदमा निष्पक्ष नहीं होगा।

उन पर लगभग 2 अरब डॉलर के पंजाब नॅशनल बँक (PNB) धोखाधड़ी मामले से जुड़ी भारत में प्रत्यर्पण की कार्रवाई चल रही है। क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने पुष्टि की है कि मोदी ने अपनी प्रत्यर्पण अपील को फिर से खोलने के लिए आवेदन किया है, और भारतीय अधिकारियों ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। मोदी ने कहा कि नए सबूतों पर विचार करने के लिए अदालत की सहमति के बाद उन्हें 'अत्यधिक उम्मीद' है कि उन्हें बरी (discharge) या जमानत मिल जाएगी।

बैंक ऑफ इंडिया फायरस्टार डायमंड FZE को दिए गए ऋण से संबंधित मोदी की व्यक्तिगत गारंटी का पीछा कर रहा है और यह तर्क दिया है कि कार्यवाही में देरी करना अनुचित होगा। जस्टिस टिंकलर ने तकनीकी और चिकित्सा बाधाओं का हवाला देते हुए, ऋण मामले की कार्यवाही को रोकने के मोदी के आवेदन को खारिज कर दिया और जनवरी 2026 के लिए सात दिवसीय मुकदमे का कार्यक्रम तय किया।

Impact:
यह खबर भारतीय वित्तीय बाजारों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के सबसे हाई-प्रोफाइल वित्तीय धोखाधड़ी मामलों में से एक से संबंधित है। यह संबंधित बैंकों और वित्तीय नियमों के प्रवर्तन पर निवेशक भावना को प्रभावित कर सकता है। रेटिंग: 7/10।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.