भारतीय बाजार में आज रौनक देखने को मिली, जहां Nifty और Sensex बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। इस तेजी में Trent के शेयरों ने बाजी मारी है, जबकि निवेशक **7 अक्टूबर** को आने वाले RBI के फैसले पर नजरें गड़ाए हुए हैं।
बाजार की चाल और Trent का जलवा
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही। वॉल स्ट्रीट से मिले अच्छे संकेतों और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में कमी से निवेशकों का हौसला बढ़ा है। क्रूड ऑयल के दाम घटकर $100 प्रति बैरल के स्तर पर आ गए हैं, जिससे घरेलू बाजार को राहत मिली है। इसी माहौल में रिटेल सेक्टर की दिग्गज कंपनी Trent ने निवेशकों का ध्यान खींचते हुए 10% की जबरदस्त छलांग लगाई है।
RBI पॉलिसी और ब्याज दरों का गणित
मार्केट की नजरें अब पूरी तरह से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी पर टिकी हैं। 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक चलने वाली इस बैठक के नतीजे बुधवार को सामने आएंगे। जानकारों का अनुमान है कि बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए RBI रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे यह 5.50% के स्तर पर पहुंच सकता है। ब्याज दर बढ़ने का सीधा मतलब है—कंपनियों और आम लोगों के लिए कर्ज का महंगा होना, जो कंज्यूमर स्पेंडिंग पर दबाव डाल सकता है।
बैंकिंग सेक्टर में जान, हेल्थकेयर सुस्त
बाजार में Kotak Mahindra Bank और Axis Bank जैसे बैंकिंग शेयरों ने सपोर्ट का काम किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि दरें बढ़ने से बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) में सुधार हो सकता है, जो उनके मुनाफे के लिए अच्छा है। हालांकि, बाजार की यह तेजी 'सिलेक्टिव' है, क्योंकि हेल्थकेयर शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है।
FIIs की बिकवाली और चुनौतियां
बाजार के ऊपर अभी भी स्ट्रक्चरल चुनौतियों के बादल हैं। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। इसकी मुख्य वजह US 10-Year ट्रेजरी यील्ड का 5.31% से 5.32% के बीच बने रहना है। जब US बॉन्ड यील्ड ज्यादा होती है, तो ग्लोबल निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर वहां निवेश करना सुरक्षित समझते हैं। यही कारण है कि बाजार में हर तेजी पर बिकवाली (sell-on-rally) हावी हो रही है। अब बुधवार को RBI की कमेंट्री यह तय करेगी कि आगे बाजार की दिशा क्या होगी और लिक्विडिटी का क्या हाल रहेगा।
