Nifty Bank पर भू-राजनीतिक तनावों का साया: इंडेक्स **560** अंक लुढ़का, 3 दिन की तेजी पर लगा ब्रेक

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Nifty Bank पर भू-राजनीतिक तनावों का साया: इंडेक्स **560** अंक लुढ़का, 3 दिन की तेजी पर लगा ब्रेक
Overview

ग्लोबल मार्केट से मिल रहे चिंताजनक संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच आज Nifty Bank इंडेक्स में भारी गिरावट देखने को मिली। यह इंडेक्स **560** अंकों से ज्यादा टूट गया और अपने पिछले तीन दिनों की बढ़त को गंवा बैठा। बैंकिंग शेयरों में चौतरफा बिकवाली हावी रही।

तकनीकी गिरावट और बाज़ार का मूड

Nifty Bank इंडेक्स दोपहर तक 562 अंकों या 0.91 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 60,988.60 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट ने लगातार तीन सेशन से चल रही तेजी को पूरी तरह रोक दिया और इंडेक्स ने 61,250-61,350 के अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल को तोड़ दिया, जबकि 61,200 का स्तर भी हाथ से निकल गया।

बाज़ार के जानकारों का कहना है कि इस गिरावट के पीछे कई वजहें हैं। भू-राजनीतिक तनावों के बढ़ने की आशंकाओं के चलते बाजार में डर (Risk-off sentiment) का माहौल है। यह बिकवाली ऐसे समय में आई जब बेंचमार्क Sensex 700 अंक से ज्यादा नीचे गिर गया और Nifty 50 भी 25,600 के नीचे ट्रेड कर रहा था। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी तेज बिकवाली देखी गई, जिसने बाज़ार में घबराहट को और बढ़ा दिया।

भू-राजनीतिक टेंशन बनी मंदी की वजह

बाज़ार के जानकारों का मानना है कि अमेरिका द्वारा ईरान पर संभावित कार्रवाई को लेकर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव शेयर बाज़ार में घबराहट का मुख्य कारण है। ईरान के परमाणु वार्ता को लेकर अनिश्चितता ने संघर्ष की आशंकाओं को बढ़ाया है, जिससे वैश्विक तेल कीमतों पर असर पड़ने और भारत जैसी तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान होने की चिंताएं बढ़ गई हैं। अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल आपूर्ति बाधित होती है, तो यह भारत के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकता है, महंगाई और करंट अकाउंट डेफिसिट (Current Account Deficit) को बढ़ा सकता है। इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने भारत-अमेरिका व्यापार डील जैसे सकारात्मक संकेतों पर भी पानी फेर दिया।

बैंकिंग सेक्टर में व्यापक बिकवाली

बैंकिंग सेक्टर इस गिरावट का सबसे बड़ा शिकार बना। Kotak Mahindra Bank के शेयर में करीब 2% की गिरावट आई। Punjab National Bank, Axis Bank और ICICI Bank जैसे बड़े बैंक भी 1% से ज्यादा टूटे। IndusInd Bank, Canara Bank, Union Bank of India, IDFC First Bank, Yes Bank, Federal Bank और HDFC Bank जैसे ज्यादातर बैंकिंग स्टॉक करीब 1% गिरे। State Bank of India, Bank of Baroda और AU Small Finance Bank भी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे। Nifty Financial Services इंडेक्स 0.86%, PSU Banks इंडेक्स 0.7% और Private Bank इंडेक्स 0.9% गिरे, जो पूरे वित्तीय सेवा क्षेत्र में दबाव को दर्शाता है।

सेक्टरों में अंतर और वैल्यूएशन की चिंता

जहां एक ओर बैंकिंग सेक्टर में गिरावट देखी गई, वहीं Nifty IT इंडेक्स में मजबूती बनी रही। इससे पता चलता है कि बिकवाली मुख्य रूप से वित्तीय शेयरों तक ही सीमित थी। वैल्यूएशन (Valuation) की बात करें तो, भारतीय बाज़ार के P/E रेश्यो (Sensex 22.87x, Nifty 50 ~22.6x) बहुत ज्यादा नहीं हैं, लेकिन ऐतिहासिक औसत से ऊपर चल रहे हैं। Kotak Mahindra Bank का P/E रेश्यो करीब 22.8x है, जो HDFC Bank (19.9x) और ICICI Bank (~19.3x) जैसे अपने प्रतिस्पर्धियों से काफी ज्यादा है। अगर कंपनी की कमाई में तेजी नहीं आती है, तो यह वैल्यूएशन एक चिंता का विषय बन सकता है।

संरचनात्मक कमजोरियां और भू-राजनीतिक जोखिम

भारतीय बैंकों में, विशेष रूप से सरकारी बैंकों में, पुरानी बैड लोन (Bad Loans) की समस्या और अक्षमताएं बनी हुई हैं। भू-राजनीतिक संघर्ष जैसे बाहरी झटके इस सेक्टर को और कमजोर कर सकते हैं। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों (Foreign Investors) का पैसा बाज़ार के लिए एक अहम फैक्टर है। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर वे पैसा निकाल सकते हैं, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ सकता है और बाज़ार की सेंटिमेंट खराब हो सकती है।

आगे की राह और अहम स्तर

आने वाले दिनों में Nifty Bank इंडेक्स के लिए 61,000-61,100 का स्तर सपोर्ट का काम कर सकता है, जबकि 61,800-62,000 का स्तर रेजिस्टेंस (Resistance) रहेगा। Nifty 50 के लिए 25,950-26,000 के पास रेजिस्टेंस और 25,800-25,700 के पास सपोर्ट देखा जा रहा है। भारत की लंबी अवधि की आर्थिक ग्रोथ 6.9% के आसपास रहने का अनुमान है, लेकिन फिलहाल बाज़ार की चाल भू-राजनीतिक स्थिति और अहम तकनीकी स्तरों को बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.