विदेशी मुद्रा के रिकॉर्ड भंडार और जबरदस्त लिक्विडिटी के दम पर Nifty Bank में आज तेजी दिखी। इंडेक्स **1.01%** चढ़कर **57,753.60** के स्तर पर बंद हुआ, जिससे फाइनेंशियल ईयर **27** में क्रेडिट ग्रोथ का अनुमान बढ़कर **16%** हो गया है।
बाजार का हाल और लिक्विडिटी का असर
NSE Nifty Bank इंडेक्स में आज 1.01% की शानदार बढ़त दर्ज की गई और यह 57,753.60 पर जाकर रुका। इस तेजी के पीछे का मुख्य कारण भारत के फॉरेक्स रिजर्व का रिकॉर्ड $729.33 बिलियन (21 अगस्त, 2026 तक) के स्तर पर पहुंचना है। RBI द्वारा मैनेज किए जा रहे ट्विन स्वैप फैसिलिटी के जरिए लगभग $136.4 बिलियन का निवेश आया है, जिसमें $127.2 बिलियन अकेले FCNR(B) डिपॉजिट से आए हैं। इससे बैंकों के पास डिपॉजिट बेस में 14.7% की सालाना बढ़ोतरी हुई है, जो लेंडिंग के लिए बड़ा सपोर्ट है।
क्रेडिट ग्रोथ में सुधार
तरलता (Liquidity) बढ़ने के चलते एनालिस्ट्स ने फाइनेंशियल ईयर 27 के लिए क्रेडिट ग्रोथ के अनुमान को 150 बेसिस पॉइंट्स बढ़ा दिया है। अब यह ग्रोथ 15.5% से 16% के बीच रहने का अनुमान है। ICICI Bank ने FCNR(B) डिपॉजिट्स का बड़ा हिस्सा हासिल किया है, जबकि State Bank of India में भी मजबूत इनफ्लो देखने को मिला है।
मार्केट रिएक्शन और चुनौतियां
शेयर बाजार में आज IndusInd Bank सबसे आगे रहा, जिसने 2.3% की छलांग लगाई। HDFC Bank, Union Bank और IDFC First Bank में भी 2% के करीब तेजी दिखी। State Bank of India 1.5% चढ़कर ₹1,036 के इंट्रा-डे हाई तक पहुंचा।
हालांकि, निवेशक अभी भी सतर्क हैं। भारतीय रुपया ₹95 प्रति डॉलर के आसपास बना हुआ है, जो आयात की लागत बढ़ा रहा है। साथ ही, ग्लोबल ऑयल प्राइस और माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो में संभावित एसेट क्वालिटी के दबाव पर भी मार्केट की नजर बनी हुई है। बैंक आगे इन क्रेडिट रिस्क को कैसे मैनेज करते हैं, यह आने वाले तिमाही नतीजों में साफ हो जाएगा।
