शुक्रवार के कारोबार में Nifty Bank इंडेक्स **1.36%** फिसल गया। इसकी मुख्य वजह क्रूड ऑयल का **$110** के करीब पहुंचना और 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का **7%** के पार जाना है।
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बैंकिंग शेयरों में चौतरफा बिकवाली देखी गई। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और घरेलू स्तर पर कर्ज की लागत में उछाल के कारण बाजार में डर का माहौल रहा।\n\n### महंगाई का दबाव और बैंकों पर असर\nब्रेंट क्रूड ऑयल $110 प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गया है, जिससे आयात बिल बढ़ने और महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। साथ ही, 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 7% के स्तर को पार कर गई है। यील्ड में इस उछाल का मतलब है कि बैंकों को अब डिपॉजिट पर ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है, जिससे उनके नेट प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।\n\n### शेयरों का हाल\nNifty Bank के सभी 14 घटक शेयर लाल निशान में बंद हुए। AU Small Finance Bank और IndusInd Bank के शेयरों में सबसे ज्यादा 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा State Bank of India, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank और Axis Bank जैसे बड़े लेंडर्स भी लगभग 1% नीचे रहे। बाजार की अस्थिरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि India VIX इंडेक्स 6% तक उछल गया।\n\n### आगे की चुनौतियां\nतकनीकी तौर पर देखें तो इंडेक्स अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर से लगभग 10% नीचे आ चुका है। बाजार के जानकारों का मानना है कि ऊंची ऊर्जा लागत और बॉन्ड यील्ड के कारण अब Reserve Bank of India के लिए मॉनेटरी पॉलिसी को आसान बनाना मुश्किल होगा, जिसका असर क्रेडिट ग्रोथ पर भी पड़ सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजरें ग्लोबल क्रूड ऑयल के भाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के आउटफ्लो पर टिकी हैं।
