Nexome Capital Markets: ₹25 Cr जुटाने की तैयारी, पर कंपनी की हालत खस्ताहाल! मुनाफे में भारी गिरावट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Nexome Capital Markets: ₹25 Cr जुटाने की तैयारी, पर कंपनी की हालत खस्ताहाल! मुनाफे में भारी गिरावट
Overview

Nexome Capital Markets Limited (पहले SMIFS Capital) **₹25 करोड़** राइट्स इश्यू के ज़रिए जुटाने की योजना बना रही है। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में भारी गिरावट दर्ज की है, जो पिछले साल के **₹239.86 करोड़** से घटकर **₹44.41 करोड़** रह गया है। इसी के साथ, कंपनी का आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (PAT) भी **52%** गिरकर **₹1.17 करोड़** पर आ गया है।

📉 कंपनी की वित्तीय हालत पर एक नजर

Nexome Capital Markets Limited (पहले SMIFS Capital) ₹25 करोड़ जुटाने के लिए राइट्स इश्यू लाने की तैयारी में है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है जब कंपनी की वित्तीय स्थिति में भारी गिरावट देखी गई है।

नंबर्स की कहानी: रेवेन्यू और प्रॉफिट में भारी सेंध

मार्च 2025 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY25) में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू एक चौंकाने वाली 81.5% की साल-दर-साल (YoY) गिरावट के साथ ₹239.86 करोड़ से घटकर सिर्फ ₹44.41 करोड़ रह गया। इसके साथ ही, कंसोलिडेटेड आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (PAT) में भी 52% की बड़ी गिरावट आई, जो पिछले साल के ₹2.41 करोड़ से घटकर ₹1.17 करोड़ पर पहुंच गया।

बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹4.31 से लुढ़ककर ₹2.04 पर आ गया, और नेट वर्थ पर रिटर्न (RoNW) 2.36% से घटकर सिर्फ 1.07% रह गया।

बढ़ता कर्ज चिंता की वजह

इन खराब नतीजों के बीच, कंपनी पर कर्ज का बोझ भी तेजी से बढ़ा है। FY24 में जहां कंपनी का टोटल बॉरोइंग सिर्फ ₹9.31 लाख था, वहीं FY25 में यह बढ़कर ₹30.02 करोड़ हो गया। यह 3200% से भी ज़्यादा की बढ़ोतरी है। घटते मुनाफे के साथ बढ़ता कर्ज निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

राइट्स इश्यू से क्या उम्मीदें?

प्रस्तावित राइट्स इश्यू से जुटाए जाने वाले ₹25 करोड़ का इस्तेमाल मुख्य रूप से शेयर, सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, मर्चेंट बैंकर के लिए SEBI की लिक्विड नेट वर्थ की ज़रूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी यह फंड इस्तेमाल होगा।

कंपनी के प्रमोटर्स ने अपनी हिस्सेदारी के लिए सब्सक्राइब करने का भरोसा दिलाया है और अगर इश्यू अंडरसब्सक्राइब होता है तो वे अतिरिक्त शेयर लेने को भी तैयार हैं, हालांकि यह पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियमों के अधीन होगा।

निवेशक क्या जानना चाहते हैं?

कंपनी ने अभी तक इस भारी गिरावट के पीछे के सटीक कारणों का खुलासा नहीं किया है। निवेशक मैनेजमेंट से रेवेन्यू और प्रॉफिट में आई इस भारी गिरावट के कारणों, जैसे कि डिमांड, मार्केट की स्थिति और कंपनी की रणनीति के बारे में स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं।

🚩 जोखिम और आगे का रास्ता

मुख्य जोखिम:
गिरती लाभप्रदता के साथ बोर्रोइंग में यह भारी वृद्धि एक बड़ा रेड फ्लैग है। फंड का इस्तेमाल सिक्योरिटीज में निवेश और रेगुलेटरी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए होना, बाजार के दबाव के कारण संभावित लिक्विडिटी चुनौतियों या रणनीतिक बदलावों का संकेत देता है।
पिछली रेगुलेटरी कार्रवाईयां, जिसमें SEBI द्वारा लगाया गया जुर्माना (हालांकि SAT द्वारा कम किया गया) और मर्चेंट बैंकर सर्टिफिकेट से जुड़ी पुरानी समस्याएं शामिल हैं, संभावित गवर्नेंस या कंप्लायंस जोखिमों की ओर इशारा करती हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए। राइट्स इश्यू से होने वाला डाइल्यूशन, खासकर अस्थिर सिक्योरिटीज में निवेश के साथ, जोखिम को और बढ़ा देता है।

आगे की राह:
निवेशक FY25 की गिरावट के परिचालन प्रदर्शन चालकों (operational performance drivers) पर मैनेजमेंट से स्पष्टीकरण और लाभप्रदता में सुधार तथा कर्ज प्रबंधन के लिए उठाए जाने वाले ठोस कदमों की उम्मीद कर रहे हैं। राइट्स इश्यू की सफलता और फंड का सही इस्तेमाल कंपनी की रिकवरी की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगा। मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की ज़रूरतें प्रमोटर की सब्सक्रिप्शन फ्लेक्सिबिलिटी को सीमित करती हैं।

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