रिटायर्ड IAS अधिकारी और पूर्व फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्रेटरी Nagaraju Maddirala को IL&FS का नया चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) नियुक्त किया गया है। वे कंपनी के भारी-भरकम कर्ज समाधान कार्यक्रम के आखिरी चरणों की देखरेख करेंगे।
सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए Nagaraju Maddirala को Infrastructure Leasing & Financial Services (IL&FS) की कमान सौंपी है। उन्हें 2 साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया है। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने इस नियुक्ति पर मुहर लगा दी है।
कौन हैं Nagaraju Maddirala?
1993 बैच के रिटायर्ड IAS अधिकारी Maddirala का अनुभव काफी गहरा है। वे पहले फाइनेंशियल सर्विसेज डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी रह चुके हैं, जहां उन्होंने देश के बैंकिंग और इंश्योरेंस फ्रेमवर्क को संभालने में अहम भूमिका निभाई थी। इससे पहले वे कोयला मंत्रालय और वर्ल्ड बैंक में भी काम कर चुके हैं। उनका यह अनुभव IL&FS की जटिल कानूनी और फाइनेंशियल बाधाओं को दूर करने में काम आएगा।
कर्ज मुक्ति का मिशन
कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती ₹61,000 करोड़ के डेट रिजॉल्यूशन टारगेट को पूरा करना है। 30 जून, 2026 तक, कंपनी पहले ही ₹50,387 करोड़ का कर्ज चुका चुकी है। इसका मतलब है कि अब लगभग ₹10,613 करोड़ का कर्ज चुकाना बाकी है।
बदलाव और भविष्य
वे Nand Kishore की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 सितंबर, 2026 को खत्म हुआ है। हालांकि, स्थिरता बनाए रखने के लिए Kishore अब बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर बने रहेंगे। बाजार के जानकारों का मानना है कि अब जो एसेट्स बचे हैं, उन्हें बेचना और मॉनेटाइज करना चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि वे शुरुआत के मुकाबले ज्यादा पेचीदा हैं। अगले 2 साल तक इस प्रोसेस की रफ्तार और कानूनी पेचदगियां ही सबसे महत्वपूर्ण रहेंगी।
