नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (NaBFID) चालू फाइनेंशियल ईयर में विदेशी कर्ज से **$3-4 अरब डॉलर** जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके तहत, सितंबर तक **$50 करोड़ से $1 अरब डॉलर** के 10-साल के डॉलर बॉन्ड जारी किए जा सकते हैं। सरकार समर्थित संस्था होने के नाते, ये फंड इंफ्रास्ट्रक्चर को लंबे समय के लिए लोन देने के लिए बेहद जरूरी हैं।
NaBFID की फंडिंग रणनीति
नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (NaBFID) ने विदेशी कॉमर्शियल उधारी (External Commercial Borrowings) के जरिए अपनी फंडिंग को बढ़ाने की बड़ी योजना बनाई है। यह सरकारी स्वामित्व वाली डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूशन चालू फाइनेंशियल ईयर में $3 अरब से $4 अरब डॉलर तक जुटाने का लक्ष्य रख रही है। ये फंड संस्था के लिए इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसका मुख्य काम भारत भर में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए लंबी अवधि का फाइनेंस उपलब्ध कराना है।
बॉन्ड इश्यू और मल्टीलेटरल लोन
NaBFID, $50 करोड़ से $1 अरब डॉलर के मूल्य के डॉलर-डिनॉमिनेटेड बॉन्ड इश्यू करने की योजना बना रही है। इन बॉन्ड्स की मैच्योरिटी अवधि 10 साल रखी जाएगी, जो इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स की लंबी अवधि की प्रकृति के अनुरूप है। संस्था को उम्मीद है कि अगर बाजार की स्थितियां अनुकूल रहीं तो सितंबर के अंत तक इस इश्यू को पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा, बैंक एक मल्टीलेटरल एजेंसी द्वारा गारंटीकृत $1 अरब डॉलर के लोन को सुरक्षित करने के लिए एडवांस स्टेज की बातचीत में है। यह ट्रांजेक्शन, जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल के अधीन, अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है।
मौजूदा फंडिंग और बाजार का संदर्भ
फंडिंग जुटाने का यह नया अभियान हाल के एक सफल प्रयास के बाद आया है, जिसमें NaBFID ने $850 मिलियन जुटाए थे। वह ट्रांजेक्शन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की कंसेशनल फॉरेक्स स्वैप फैसिलिटी का उपयोग करके पूरा किया गया था, जिसकी लागत SOFR बेंचमार्क (एक कॉमन इंटरनेशनल इंटरेस्ट रेट रेफरेंस) से 120 बेसिस पॉइंट ऊपर थी। मैनेजमेंट ने नोट किया है कि ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स में बदलाव के बावजूद, इंटरनेशनल मार्केट्स में प्राइसिंग अभी भी वाजिब बनी हुई है।
निवेशकों और हितधारकों के लिए संदर्भ
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि NaBFID एक सरकारी समर्थित डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूशन है और यह पब्लिकली लिस्टेड इक्विटी कंपनी नहीं है। इसलिए, इसका कोई इक्विटी स्टॉक प्राइस नहीं है जो मार्केट में ऊपर-नीचे होता रहे। हालांकि, NaBFID बॉन्ड जैसे नॉन-कन्वर्टिबल डेट सिक्योरिटीज को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट करती है। इन डेट इंस्ट्रूमेंट्स को ट्रैक करने वाले या होल्ड करने वालों के लिए, संस्था की कम लागत वाली, लंबी अवधि की पूंजी जुटाने की क्षमता उसके ऑपरेशनल हेल्थ का एक प्रमुख फैक्टर है।
हालांकि इंफ्रास्ट्रक्चर क्रेडिट की मांग एक फोकस बनी हुई है, संस्था अपने पार्शियल क्रेडिट एनहांसमेंट प्रोडक्ट्स की ट्रैक्शन पर भी नजर रख रही है। वर्तमान में, कॉमर्शियल बैंकों द्वारा पेश की जा रही कंपटीटिव लेंडिंग रेट्स ने इन बॉन्ड-मार्केट-लिंक्ड प्रोडक्ट्स को कुछ कंपनियों के लिए कम आकर्षक बना दिया है। भविष्य को देखते हुए, निवेशक और हितधारक $1 अरब डॉलर के मल्टीलेटरल-गारंटीड लोन के सफल एग्जीक्यूशन और इंटरनेशनल मार्केट्स में प्रस्तावित डॉलर बॉन्ड की रिसेप्शन पर नजर रखेंगे, क्योंकि यही आने वाली तिमाहियों के लिए संस्था की लिक्विडिटी और फंड की लागत तय करेंगे।
