Infrastructure लेंडर NaBFID ने अपना पहला इंटरनेशनल बॉन्ड जारी कर **$750 मिलियन** की बड़ी रकम जुटाई है। इसके साथ ही, कंपनी RBI के साथ मिलकर इंफ्रा फाइनेंसिंग के लिए एक सेल्फ-रेगुलेटरी बॉडी बनाने पर काम कर रही है, ताकि **2027** तक **₹2 लाख करोड़** की बैलेंस शीट का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
ग्लोबल मार्केट में दमदार एंट्री
NaBFID ने अपने ग्रोथ प्लान को रफ्तार देते हुए इंटरनेशनल डेब्ट मार्केट में कदम रखा है। कंपनी ने 10 साल के डॉलर-डिनोमिनेटेड बॉन्ड के जरिए $750 मिलियन जुटाए हैं। इस इश्यू को ग्लोबल निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और कंपनी को $2 बिलियन से ज्यादा की बोलियां (Bids) प्राप्त हुईं। बॉन्ड पर 6.122% का कूपन रेट तय किया गया है, जो US ट्रेजरी के मुकाबले 105 बेसिस पॉइंट्स के स्प्रेड पर है। मुद्रा के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए NaBFID रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के कंसेशनल स्वैप विंडो का इस्तेमाल कर रही है।
इंफ्रा फाइनेंसिंग के लिए नई बॉडी
NaBFID अब इंफ्रा लेंडर्स के लिए एक सेल्फ-रेगुलेटरी ऑर्गेनाइजेशन (SRO) स्थापित कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बैंकों और NBFCs के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म बनाना है, ताकि रेगुलेटर्स के साथ बेहतर तालमेल बैठाया जा सके। इससे प्रोजेक्ट अप्रूवल प्रोसेस आसान और ज्यादा पारदर्शी बनेगा।
पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव
रिस्क मैनेजमेंट के लिहाज से NaBFID अपने लोन पोर्टफोलियो को रि-कैलिब्रेट कर रही है। मार्च 2026 तक कंपनी के कुल वितरण में ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स का हिस्सा 32% रहा। अब कंपनी का लक्ष्य ग्रीनफील्ड और ऑपरेशनल प्रोजेक्ट्स के बीच 50:50 का संतुलन बनाने का है, ताकि कैश फ्लो को बेहतर बनाया जा सके।
आगे की राह
कंपनी मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में ₹1 लाख करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है। साथ ही, गिफ्ट सिटी (GIFT City) से संचालित होने वाले अपने अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट इंफ्रा फंड 'NAPINCO' को लॉन्च करने की भी योजना है। फिलहाल, टॉप 20 प्रोजेक्ट्स के प्रति पोर्टफोलियो का झुकाव एक बड़ा रिस्क बना हुआ है, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी। 2030 तक कंपनी का लक्ष्य अपनी बैलेंस शीट को ₹5 लाख करोड़ तक ले जाने का है।
