Q3 FY26 के नतीजों के बाद National Securities Depository Limited (NSDL) के शेयर पर दबाव देखा गया। कंपनी चुनौतीपूर्ण राजस्व (Revenue) माहौल से जूझती दिखी। NSDL ने लागत को नियंत्रित करने में अच्छी बढ़त हासिल की, जिससे EBITDA 18% बढ़ा, लेकिन ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 10% की गिरावट ने इस प्रदर्शन पर पानी फेर दिया। यह गिरावट ₹3.6 अरब तक सीमित रही, जो बाजार की उम्मीदों से 8% कम थी।
राजस्व दबाव और लागत पर नियंत्रण
NSDL के Q3 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। ऑपरेटिंग रेवेन्यू साल-दर-साल स्थिर रहा, लेकिन पिछली तिमाही से 10% घटकर ₹3.6 अरब हो गया। यह बाजार के अनुमानों से 8% कम था। रेवेन्यू में यह कमी मुख्य रूप से Depository और Banking सेगमेंट में प्रदर्शन कमजोर रहने के कारण आई। वहीं, कंपनी ने लागत प्रबंधन (Cost Management) पर कड़ा रुख अपनाया और ऑपरेटिंग खर्चों में साल-दर-साल और तिमाही-दर-तिमाही 7% की कटौती की, जो ₹2.5 अरब पर आ गए। यह सख्ती तब भी जारी रही जब कर्मचारियों पर खर्च साल-दर-साल 46% और तिमाही-दर-तिमाही 12% बढ़ गया। इस प्रभावी लागत नियंत्रण के चलते EBITDA साल-दर-साल 18% बढ़कर ₹1.1 अरब हो गया, जिससे EBITDA मार्जिन बढ़कर 29.9% हो गया, जो पिछले साल की 25.1% की तुलना में बेहतर है। FY26 के पहले नौ महीनों में, EBITDA साल-दर-साल 16% बढ़कर ₹3.3 अरब हो गया।
बाजार की प्रतिक्रिया और वैल्यूएशन चिंताएं
Q3 नतीजों के बाद, NSDL के शेयर में तुरंत गिरावट आई। जनवरी 2026 के अंत में शेयर लगभग 3-7% तक गिरे और ₹950-₹980 के आसपास कारोबार कर रहे थे, जो ₹1,425 के 52-सप्ताह के उच्च स्तर से काफी नीचे है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप लगभग ₹19,000-19,600 करोड़ के आसपास है। NSDL का पिछले बारह महीनों (TTM) का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो लगातार 51x-54x के उच्च स्तर पर बना हुआ है। यह वैल्यूएशन एनालिस्ट्स के लिए एक मुख्य चिंता का विषय है।
ब्रोकरेज की राय
Motilal Oswal ने 'Neutral' रेटिंग को बरकरार रखा है और एक साल के लिए ₹1,100 का प्राइस टारगेट तय किया है। यह टारगेट अनुमानित FY28 आय पर 42x के फॉरवर्ड P/E मल्टीपल पर आधारित है, जो ब्रोकरेज द्वारा भविष्य में धीमी ग्रोथ और वैल्यूएशन में संभावित सुधार की उम्मीद को दर्शाता है।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य और सेक्टर आउटलुक
NSDL का परिचालन प्रदर्शन, खासकर ग्राहक अधिग्रहण (Client Acquisition) में, सकारात्मक रुझान दिखाता है। 9M FY26 में कंपनी की Beneficiary Owner (BO) मार्केट शेयर बढ़कर 15.89% हो गई, और दिसंबर 2025 तक इसके कुल BO खातों की संख्या 4.3 करोड़ से अधिक हो गई। हालांकि, इसका मुख्य प्रतिद्वंद्वी Central Depository Services (India) Limited (CDSL) भी एक मजबूत बाजार में काम करता है। CDSL ने हाल ही में Q3 FY26 के लिए मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज की है। CDSL का मार्केट कैप लगभग ₹25,000-26,000 करोड़ है और इसका P/E रेश्यो भी इसी तरह उच्च श्रेणी में, लगभग 53x-54x पर है। NSDL अपने Depository Participant नेटवर्क का विस्तार कर रही है, लेकिन CDSL नए डीमैट खातों (Demat Account) की ओपनिंग में एक महत्वपूर्ण हिस्सा रखती है।
पूरे डिपोजिटरी सेक्टर के लिए एक बड़ा झटका यूनियन बजट 2026 में आया, जिसमें Securities Transaction Tax (STT) में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया। इस कदम से सीधे ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर पड़ सकता है और नतीजतन NSDL और CDSL जैसे डिपोजिटरी के ट्रांजेक्शन-आधारित राजस्व (Transaction-based Revenue) पर असर होगा, जिससे पूरे इकोसिस्टम में निवेशक सेंटिमेंट (Investor Sentiment) कमजोर हो सकता है। NSDL के लागत प्रबंधन और परिचालन विस्तार के प्रयासों के बावजूद, निकट अवधि का आउटलुक इन मैक्रो-फिस्कल चिंताओं और वर्तमान वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए लगातार राजस्व वृद्धि में तेजी लाने की आवश्यकता से दबाव में है। कंपनी का पिछला प्रदर्शन मजबूत रहा है, लेकिन शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है, जो बाजार द्वारा इसकी ग्रोथ प्रोस्पेक्ट्स (Growth Prospects) के पुनर्मूल्यांकन का संकेत देता है।