रिवेन्यू में उछाल, पर मार्जिन पर बढ़ता दबाव
NSDL ने फिनांसियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में ₹4.6 बिलियन का ऑपरेटिंग रिवेन्यू हासिल किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 26% अधिक है। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी इसमें 27% की वृद्धि देखी गई। इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय इसके बैंकिंग सर्विसेज डिवीजन को जाता है, जिसमें सालाना आधार पर 49% और तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 56% की ज़बरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई।
पूरे फिनांसियल ईयर 2026 की बात करें तो, NSDL का कुल रिवेन्यू ₹15.3 बिलियन रहा, जो FY25 की तुलना में 8% अधिक है।
खर्चों में बेतहाशा वृद्धि, मार्जिन पर शिकंजा
रिवेन्यू ग्रोथ की चमक बढ़ते खर्चों के कारण फीकी पड़ती दिख रही है। Q4 FY26 में NSDL के ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस सालाना आधार पर 30% बढ़कर ₹3.5 बिलियन हो गए। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी इनमें 40% का इजाफा हुआ। खासकर, कर्मचारियों के खर्चों (Employee Costs) में 29% की बढ़ोतरी हुई, जबकि 'अन्य खर्चे' (Other Expenses) तिमाही-दर-तिमाही 52% तक बढ़ गए।
इसकी सीधी मार EBITDA मार्जिन पर पड़ी, जो पिछले साल की चौथी तिमाही के 25.1% और पिछली तिमाही के 29.9% की तुलना में घटकर 22.7% रह गया। तिमाही के लिए प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) लगभग ₹903 मिलियन रहा, और मार्जिन 19.7% पर आ गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 22.9% था।
पूरे फिनांसियल ईयर 2026 के लिए NSDL का PAT 11% बढ़कर INR 3.8 बिलियन तक पहुंचा।
NSDL बनाम CDSL: वैल्यूएशन की जंग
भारत में डिपॉजिटरी सेवाओं में NSDL का मुकाबला मुख्य रूप से सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) से है। NSDL का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings ratio) लगभग 47x के आसपास है, जबकि CDSL का P/E इससे भी अधिक, 55x से 58x के बीच कारोबार कर रहा है। CDSL का मार्केट कैप भी ₹26,500 करोड़ से अधिक है, जो NSDL से बड़ा है।
हालांकि NSDL के पास 65,000 से अधिक DP सर्विस सेंटर हैं, जो CDSL के 18,918 सेंटरों से काफी ज्यादा हैं, लेकिन नए डीमैट खातों (Demat Account) को खोलने में CDSL ने बाजी मारी है। FY23-24 में CDSL की मार्केट शेयर 88% रही, जबकि NSDL का हिस्सा कम रहा। NSDL संस्थागत (Institutional) और बड़े कॉर्पोरेट खातों की सेवा में आगे है, जहां यह CDSL की तुलना में प्रति एक्टिव अकाउंट लगभग तीन गुना ज्यादा रेवेन्यू जेनरेट करता है।
वैल्यूएशन पर चिंताएं और विश्लेषकों की राय
NSDL की 47x की हाई P/E वैल्यूएशन, बढ़ते खर्चों और मार्जिन में कमी के चलते चिंता का विषय बनी हुई है। कंपनी के 11-15% की ग्रोथ अनुमानों (FY26-28E) को हकीकत में बदलने के लिए लागत नियंत्रण (Cost Control) बेहद जरूरी है, जो अभी तक लगातार नहीं दिख रहा है।
विश्लेषकों की राय मिश्रित है। ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने NSDL पर 'Neutral' रेटिंग और ₹1,000 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है, जो मौजूदा स्तरों से सीमित उछाल का संकेत देता है। Axis Capital ने भी 'Add' रेटिंग और ₹1,000 का टारगेट दिया है, जो NSDL की मजबूत फ्रेंचाइजी को स्वीकार करते हैं लेकिन मार्जिन चुनौतियों पर भी ध्यान दिलाते हैं।
बाजार में अनिश्चितता, विदेशी पोर्टफोलियो आउटफ्लो और तेल की कीमतों में अस्थिरता का माहौल भी निवेशकों की भावनाओं को प्रभावित कर रहा है। NSDL का शेयर मई 2026 की शुरुआत में लगभग ₹880-885 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जिसका मार्केट कैप करीब ₹17,600 करोड़ था।
