NSDL की स्थिरता का जलवा! शेयर बाजार की टेंशन में निवेशकों की पहली पसंद क्यों बन रहा NSDL, CDSL से बेहतर कैसे?

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
NSDL की स्थिरता का जलवा! शेयर बाजार की टेंशन में निवेशकों की पहली पसंद क्यों बन रहा NSDL, CDSL से बेहतर कैसे?
Overview

शेयर बाजार में चल रही उठापटक और कमाई में गिरावट के बढ़ते जोखिम के बीच, निवेशक अब स्थिरता की तलाश में हैं। इसी वजह से, NSDL को CDSL के मुकाबले ज्यादा पसंद किया जा रहा है। NSDL का खास बिजनेस मॉडल और मजबूत रेवेन्यू स्ट्रीम इसे अस्थिर समय में निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प बनाता है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

NSDL बनाम CDSL: बिजनेस मॉडल का फर्क

NSDL को तरजीह मिलने की एक बड़ी वजह इसका अलग बिजनेस मॉडल है। जहां CDSL के पास रिटेल डिमैट अकाउंट्स की बड़ी संख्या है, जो कि 80% मार्केट शेयर के साथ 76 लाख नए अकाउंट्स Q3 FY26 में जुड़े, वहीं NSDL एसेट अंडर कस्टडी (Assets Under Custody) वैल्यू में हावी है। NSDL के पास कुल डिमैट कस्टडी वैल्यू का 86.2% यानी $5.89 ट्रिलियन का भारी-भरकम आंकड़ा है और यह फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) के लिए लगभग एकाधिकार रखता है।

स्थिर कमाई का जरिया: NSDL का दबदबा

यह अंतर सीधे तौर पर कमाई की स्थिरता को प्रभावित करता है। 9M FY26 में NSDL की कमाई का 48.3% हिस्सा रिकरिंग फीस (Recurring Fees) से आता है, जो इसे रिटेल ट्रेडिंग की हलचल से बचाता है। वहीं, CDSL की रिकरिंग इनकम इसी अवधि में 39% थी, जिससे इसकी कमाई बाजार की गतिविधियों पर ज्यादा निर्भर करती है। NSDL का बिजनेस मॉडल एक फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप की तरह है, जहां केवल 47% इनकम कोर डिपोजिटरी सेवाओं से आती है। दूसरी ओर, CDSL एक प्योर-प्ले डिपोजिटरी है जिसकी मार्जिन ओवरऑल ज्यादा है।

Q3 FY26 नतीजे: मार्जिन की कहानी

Q3 FY26 में NSDL ने बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट के दम पर अपने ईबीआईटीडीए मार्जिन (EBITDA Margins) को 29.8% तक बढ़ाया, भले ही ऑपरेटिंग रेवेन्यू स्थिर रहा। इसके विपरीत, CDSL को मार्जिन पर दबाव का सामना करना पड़ा। इसके खर्चों में 22% की बढ़ोतरी हुई, जिससे ईबीआईटीडीए मार्जिन घटकर 52.9% रह गया। यह कुछ हद तक किए गए निवेशों और इसकी KYC सब्सिडियरी में आई चुनौतियों का नतीजा था।

वैल्यूएशन और भविष्य का नज़रिया

दोनों कंपनियों के वैल्यूएशन में नरमी आई है। CDSL का शेयर अनुमानित FY28 की कमाई के मुकाबले 37 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जबकि NSDL 34 गुना पर। हालांकि, कमजोर इक्विटी मार्केट में कमाई में गिरावट का जोखिम है, वहीं वित्तीय बचत में बढ़ोतरी और आर्थिक विस्तार जैसे लॉन्ग-टर्म ग्रोथ फैक्टर डिपोजिटरी मार्केट को सहारा देते हैं। फिर भी, अनिश्चित समय में, NSDL की स्थिर, इंस्टीट्यूटशनल-केंद्रित इनकम स्ट्रीम को ज्यादा आकर्षक माना जा रहा है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.