NPS के फंड्स में अलग-अलग एसेट क्लास का प्रदर्शन
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) की इक्विटी स्कीम्स, जिन्हें 'E' स्कीम्स भी कहा जाता है, शेयर बाज़ार की चाल के साथ-साथ चलती दिखीं और इनमें 4.87% तक का सालाना रिटर्न देखने को मिला। यह प्रदर्शन कम समय के निवेश में इक्विटी से जुड़े जोखिमों को दर्शाता है।
कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड्स से मिला स्थिर मुनाफा
इसके विपरीत, कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड्स ('C' स्कीम्स) ने ज़्यादा स्थिरता दिखाई और साल भर में 5.5% से 6.64% तक का रिटर्न दिया। ये फंड्स उन निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प साबित हुए जो कम जोखिम लेना चाहते हैं। सरकारी बॉन्ड फंड्स ('G' स्कीम्स) ने 3.05% तक का रिटर्न दिया, जो सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प था।
टॉप फंड मैनेजर्स के नाम
इक्विटी, कॉर्पोरेट और सरकारी बॉन्ड में NPS ग्राहकों के निवेश की देखरेख कुल दस पेंशन फंड मैनेजर्स (Pension Fund Managers) कर रहे हैं। इक्विटी सेगमेंट में, Tata Asset Management, HDFC Pension Management Company और Kotak Mahindra Pension Fund ने बाज़ार की उथल-पुथल के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया। कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में DSP Pension Fund Managers, UTI Retirement Solutions और Kotak Mahindra Pension Fund आगे रहे, जबकि सरकारी बॉन्ड के लिए SBI Pension Funds और UTI Retirement Solutions ने बेहतर नतीजे दिखाए।
Tier I और Tier II खातों को समझें
NPS के Tier I और Tier II खाते म्यूचुअल फंड्स की तरह ही काम करते हैं, लेकिन इनकी कुछ खास विशेषताएं हैं। Tier I खाता मुख्य रिटायरमेंट सेविंग्स का अनिवार्य हिस्सा है। Tier II खातों के लिए Tier I खाता लिंक होना ज़रूरी है। ये खाते अनुशासित निवेशकों के लिए एक लचीला और कम लागत वाला विकल्प प्रदान करते हैं। इनमें Tier I के विपरीत, किसी भी समय बिना किसी पेनल्टी के असीमित निकासी की सुविधा मिलती है।