UPI Charges for Business: UPI पर अब बिजनेस ट्रांजैक्शन के लिए लगेंगे चार्ज, NITI Aayog ने दिया बड़ा संकेत

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
UPI Charges for Business: UPI पर अब बिजनेस ट्रांजैक्शन के लिए लगेंगे चार्ज, NITI Aayog ने दिया बड़ा संकेत

NITI Aayog ने UPI को सेल्फ-फाइनेंसिंग मॉडल पर शिफ्ट करने की वकालत की है। **2026** के कानूनी संशोधन के बाद अब बिजनेस ट्रांजैक्शन पर मामूली चार्ज लगने का रास्ता साफ हो गया है, हालांकि आम ग्राहकों के लिए यह सर्विस पहले की तरह फ्री रहेगी।

सस्टेनेबल मॉडल की जरूरत

NITI Aayog के वाइस चेयरपर्सन अशोक लाहिड़ी ने साफ किया है कि UPI इकोसिस्टम को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने के लिए अब 'जीरो-MDR' के ढांचे से आगे बढ़ना जरूरी है। जैसे-जैसे पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ रही है, सिस्टम की वित्तीय मजबूती के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया है।

यह बदलाव अगस्त 2026 में आए 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल' के बाद संभव हुआ है, जिसने हाई-वैल्यू मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर चार्ज लगाने का कानूनी आधार तैयार कर दिया है। पहले के सख्त जीरो-MDR नियमों के कारण पेमेंट कंपनियों के लिए फ्रॉड प्रिवेंशन और कस्टमर सपोर्ट में निवेश करना चुनौतीपूर्ण हो गया था।

आम ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं

सरकार का रुख स्पष्ट है—आम उपभोक्ताओं और पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर पूरी तरह से फ्री बने रहेंगे। प्रस्तावित शुल्क केवल बिजनेस-टू-कंज्यूमर या बिजनेस-टू-बिजनेस ट्रांजैक्शन पर ही लागू होंगे। मुख्य उद्देश्य डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सिक्योरिटी और क्वालिटी को बनाए रखना है।

फिनटेक कंपनियों के लिए क्या हैं मायने?

अब तक जीरो-MDR के कारण पेमेंट कंपनियों को प्रॉफिट के लिए अन्य वित्तीय प्रोडक्ट्स की क्रॉस-सेलिंग पर निर्भर रहना पड़ता था। अब मर्चेंट ट्रांजैक्शन से मिलने वाली फीस उनके रेवेन्यू में विविधता लाएगी। इसके अलावा, ट्रांजैक्शन डेटा का इस्तेमाल छोटे व्यापारियों को क्रेडिट (लोन) दिलाने में भी किया जा सकेगा।

आगे क्या होगा?

फिलहाल NPCI और सरकार ने दरों या लागू होने की तारीखों का ऐलान नहीं किया है। NPCI की 'UPI एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी' इन स्ट्रक्चर्स पर फैसला लेगी। निवेशकों को अब इन 4 मुख्य बातों पर नजर रखनी चाहिए:

  • दरें और थ्रेशोल्ड: किन ट्रांजैक्शन वैल्यू पर चार्ज लगेगा?
  • इंप्लीमेंटेशन: नई पॉलिसी को कब से लागू किया जाएगा?
  • मर्चेंट रिएक्शन: क्या दुकानदार इन मामूली शुल्कों के बावजूद UPI का इस्तेमाल जारी रखेंगे?
  • सिस्टम स्टेबिलिटी: क्या नई फीस से मिलने वाला पैसा साइबर सिक्योरिटी और अपटाइम सुधारने में लगाया जाएगा?
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.