NIIF का बड़ा कदम: इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए जुटाए **$2 बिलियन**, भारत की ग्रोथ स्टोरी पर दांव

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AuthorNeha Patil|Published at:
NIIF का बड़ा कदम: इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए जुटाए **$2 बिलियन**, भारत की ग्रोथ स्टोरी पर दांव

National Investment and Infrastructure Fund (NIIF) ने अपने दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के पहले राउंड में **$2 बिलियन** जुटा लिए हैं। ग्लोबल और डोमेस्टिक संस्थानों का यह भारी निवेश भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ते भरोसे का संकेत है।

बड़े निवेश का गणित

NIIF ने अपने इस नए फंड के लिए कुल $3.2 बिलियन का टारगेट रखा था, जिसमें से कंपनी ने पहले ही $2 बिलियन (लगभग ₹19,000 करोड़) हासिल कर लिए हैं। यह कुल टारगेट का 60% से ज्यादा है। ध्यान दें कि NIIF कोई लिस्टेड कंपनी नहीं है, इसलिए रिटेल निवेशक इसमें सीधे शेयर नहीं खरीद सकते, लेकिन यह फंड भारत की लॉन्ग-टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर कहानी को दिशा देने का काम करेगा।

नई रणनीति: इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और अर्बन डेवलपमेंट

पहले फंड में NIIF का फोकस रोड और पोर्ट्स जैसे पारंपरिक सेक्टर पर था, लेकिन इस बार कंपनी ने अपनी रणनीति बदली है। अब फंड का जोर अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर है। बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए NIIF अतिरिक्त $950 मिलियन की को-इन्वेस्टमेंट कैपिटल भी जुटाने की तैयारी में है।

कौन से बड़े नाम हुए शामिल?

इस फंड में ग्लोबल लेवल पर AustralianSuper, CPP Investments, ADIA, Ontario Teachers' Pension Plan और Temasek जैसे दिग्गज निवेशक शामिल हुए हैं। घरेलू स्तर पर भी ICICI Bank, HDFC Bank, Axis Bank और Kotak Life Insurance ने इसमें बड़ी हिस्सेदारी दिखाई है।

इंफ्रास्ट्रक्चर में रिस्क का गणित

यह पैसा आने से पावर, ट्रांसपोर्टेशन और कंस्ट्रक्शन कंपनियों को मजबूती मिलेगी, लेकिन निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 'एक्जीक्यूशन रिस्क' हमेशा रहता है। प्रोजेक्ट में देरी, लागत बढ़ना और पॉलिसी में बदलाव जैसे रिस्क पर नज़र रखना बहुत जरूरी है। जैसे-जैसे NIIF इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे नए क्षेत्रों में कदम रख रहा है, इन प्रोजेक्ट्स की कुशलता ही भविष्य में रिटर्न तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.