NHPC के शेयर बिकेwali में फिसले, Religare पर कानूनी शिकंजा

BANKINGFINANCE
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AuthorAditya Rao|Published at:
NHPC के शेयर बिकेwali में फिसले, Religare पर कानूनी शिकंजा
Overview

सरकार की NHPC में **6%** हिस्सेदारी बेचने की घोषणा से शेयर में **6%** की गिरावट आई है. वहीं, Religare Enterprises की पूर्व चेयरपर्सन रश्मि सलूजा को **₹179.54 करोड़** के मनी लॉन्ड्रिंग केस में मुंबई की PMLA कोर्ट ने समन भेजा है. इसके अलावा, HSBC म्यूचुअल फंड ने खास निवेश रणनीतियों की बढ़ती मांग को भुनाने के लिए अपना RedHex हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड लॉन्च किया है.

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सरकारी हिस्सेदारी बिक्री का असर

2 जून 2026 को NHPC के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली. सरकार द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) के ऐलान के बाद स्टॉक 6% तक गिर गया. इस हिस्सेदारी बिक्री के लिए फ्लोर प्राइस ₹71 प्रति शेयर तय किया गया था, जो कि पिछले दिन के क्लोजिंग प्राइस से 8% कम था. वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पूंजी जुटाने के उद्देश्य से की गई इस बिक्री में 3% बेस ऑफर के साथ अतिरिक्त 3% के ग्रीन-शू ऑप्शन का प्रावधान है. पहले दिन संस्थागत निवेशकों की भागीदारी धीमी रही, क्योंकि वे इस नई सप्लाई को पचाने की कोशिश कर रहे थे. कंपनी का ट्रेलिंग P/E रेशियो 19.3 से 20.6 के आसपास है और मार्केट कैप करीब ₹72,615 करोड़ है. स्टॉक अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर ₹71.62 के पास टेक्निकल सपोर्ट टेस्ट कर रहा है. यह गिरावट दिखाती है कि निवेशक पब्लिक सेक्टर के शेयरों की सप्लाई के प्रति कितने संवेदनशील हैं, भले ही ये शेयर लंबी अवधि के एनर्जी एसेट्स माने जाते हों.

Religare Enterprises में कानूनी हलचल

मुंबई की एक विशेष अदालत ने Religare Enterprises की पूर्व एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन रश्मि सलूजा और चार अन्य प्रमुख अधिकारियों को समन जारी कर दिया है. अदालत ने डायरेक्टोरेट ऑफ एन्फोर्समेंट (ED) की शिकायत पर संज्ञान लिया है, जिसमें ₹179.54 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है. यह जांच आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले से जुड़ी है. आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने बर्मन परिवार के खिलाफ एक फर्जी कानूनी शिकायत दर्ज कर कॉर्पोरेट कंट्रोल में संभावित बदलाव को रोकने की कोशिश की. यह कानूनी लड़ाई फर्म के लिए एक उथल-पुथल भरे साल में एक और अध्याय जोड़ती है. कंपनी पहले ही SEBI द्वारा इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों और विवादित ESOP आवंटन से जुड़े अनुशासनात्मक कार्यों का सामना कर चुकी है. आरोपियों को 11 जून को पेश होने का आदेश कंपनी की गवर्नेंस की प्रतिष्ठा के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है.

खास निवेश फंड्स की ओर बढ़ता रुझान

HSBC म्यूचुअल फंड का स्पेशल इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) सेगमेंट में RedHex हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड के साथ प्रवेश, संस्थागत प्रबंधकों द्वारा कम अस्थिरता (low-volatility) वाले और बेहतर यील्ड वाले प्रोडक्ट्स की निवेशक मांग को पूरा करने के तरीके में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है. ₹1 लाख की न्यूनतम प्रवेश सीमा के साथ, HSBC इस फंड को पारंपरिक म्यूचुअल फंड और अधिक अपारदर्शी अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स के बीच की खाई को पाटने के लिए स्थापित कर रहा है. फंड की रणनीति आर्बिट्राज, फिक्स्ड-इनकम एक्रुअल्स और सीमित डेरिवेटिव एक्सपोजर के संयोजन पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य व्यापक बाजार के उतार-चढ़ाव से अलग रिटर्न प्रदान करना है. यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब SIF कैटेगरी तेजी से बढ़ रही है, और कई बड़े फंड हाउस उन निवेशकों से पूंजी जुटाने की दौड़ में हैं जो अनिश्चित मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल में परिष्कृत, विनियमित विकल्प तलाश रहे हैं.

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.