NHB की सख्ती: मिड-साइज्ड हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों पर बढ़ा रेगुलेटरी दबाव

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
NHB की सख्ती: मिड-साइज्ड हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों पर बढ़ा रेगुलेटरी दबाव

National Housing Bank (NHB) ने मिड-साइज्ड हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की फॉरेंसिक ऑडिट शुरू कर दी है। मामला लोन गलत तरीके से क्लासिफाई करने और प्रॉपर्टी वैल्यूएशन में गड़बड़ी का है, जिससे निवेशकों के लिए लिक्विडिटी का जोखिम बढ़ गया है।

क्या है पूरा मामला?

National Housing Bank (NHB) ने हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में सख्ती बढ़ा दी है। रेगुलेटर अब छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों के लोन पोर्टफोलियो की गहन जांच कर रहा है। मुख्य फोकस इस बात पर है कि क्या ये कंपनियां अपने एसेट्स को सही तरीके से क्लासिफाई कर रही हैं ताकि वे 60% 'प्रिंसिपल बिजनेस क्राइटेरिया' (PBC) की अनिवार्यता को पूरा कर सकें। नियमों के मुताबिक, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए अपने कुल एसेट्स का कम से कम 60% हिस्सा हाउसिंग लोन में रखना अनिवार्य है।

LAP में गड़बड़ी का शक

जांच का मुख्य केंद्र 'लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी' (LAP) प्रोडक्ट है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ लेंडर LAP एसेट्स को सामान्य होम लोन के रूप में दिखा रहे हैं ताकि हाउसिंग पोर्टफोलियो के आंकड़े को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा सके। चूंकि LAP अधिक जोखिम वाला प्रोडक्ट है और होम लोन से अलग होता है, इसलिए यह गड़बड़ी कंपनी के वास्तविक रिस्क प्रोफाइल को छुपाने जैसा है।

वैल्यूएशन पर भी सवाल

NHB उन कंपनियों पर भी नज़र रखे हुए है जो प्रॉपर्टी वैल्यूएशन में नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। ₹50 लाख से ज्यादा के बड़े लोन के लिए स्वतंत्र और कठोर वेरिफिकेशन जरूरी है। जांचकर्ताओं को शक है कि कुछ लेंडर्स ने लोन का साइज बढ़ाने के लिए इन सुरक्षा उपायों को दरकिनार किया है। अगर प्रॉपर्टी की वैल्यू जरूरत से ज्यादा दिखाई गई है, तो बाजार में गिरावट आने पर नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) बढ़ने का खतरा काफी ज्यादा हो जाता है।

निवेशकों के लिए जोखिम

NHB की फंडिंग इन कंपनियों के लिए सस्ती लिक्विडिटी का सबसे बड़ा जरिया है। यदि ऑडिट में नियमों के उल्लंघन का खुलासा होता है, तो कंपनियों को रिफाइनेंसिंग की सुविधा खोने का डर है, जिससे उनकी उधार लेने की लागत बढ़ सकती है और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव आ सकता है। अब निवेशकों को कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री और ऑडिटर की टिप्पणियों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.