NABARD की वेंचर आर्म, NABVENTURES ने अपने दूसरे फंड के लिए **₹450 करोड़** की शुरुआती राशि जुटा ली है। इस **₹1,500 करोड़** के कुल कॉर्पस का मकसद अब एग्री-टेक और रूरल स्टार्टअप्स में बड़े निवेश करना है।
बड़े टिकट साइज पर फोकस
NABVENTURES ने अपनी निवेश रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए अब ग्रोथ-स्टेज कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी अब सीरीज-ए और उसके बाद के राउंड्स में ₹30 करोड़ से ₹70 करोड़ तक का निवेश करेगी। यह कदम उन कंपनियों के लिए राहत भरा है जो मार्केट में अपनी जगह बना चुकी हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर विस्तार के लिए पूंजी की तलाश में हैं।
किन सेक्टरों में होगा निवेश?
फंड का मुख्य जोर कृषि वैल्यू चेन, रूरल फाइनेंशियल सर्विसेज और फूड प्रोसेसिंग पर होगा। इसके अलावा, कंपनी क्लाइमेट-टेक, डीप-टेक, ब्लू इकोनॉमी और सर्कुलर इकोनॉमी प्रोजेक्ट्स में भी संभावनाएं तलाशेगी। इन सेक्टर्स में भारी निवेश की जरूरत होती है और NABARD का मजबूत नेटवर्क स्टार्टअप्स को ग्रामीण इलाकों में अपनी पैठ बनाने में बड़ी मदद कर सकता है।
चुनौती और हकीकत
एग्री-टेक और रूरल फाइनेंस में निवेश हमेशा जोखिम भरा होता है। मौसम की अनिश्चितता, सरकारी रेगुलेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी जैसी चुनौतियां इन स्टार्टअप्स के मार्जिन पर असर डालती हैं। पिछले फंड में कंपनी ने 23 स्टार्टअप्स (कोल्ड चेन और डिजिटल ट्रेसबिलिटी समेत) को सपोर्ट किया था। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कैसे ये ग्रोथ-स्टेज कंपनियां पायलट प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़कर मुनाफे वाली और टिकाऊ बिजनेस मॉडल बन पाती हैं।
