NABARD Financial Services (NABFINS) ने अब Bharat Connect प्लेटफॉर्म के साथ हाथ मिला लिया है। इस बदलाव से **1,00,000** से ज्यादा माइक्रोफाइनेंस उधारकर्ताओं को डिजिटल लोन रीपेमेंट की सुविधा मिलेगी। Canara Bank के सहयोग से कंपनी अब कैश कलेक्शन के पारंपरिक और जोखिम भरे तरीके से किनारा कर रही है।
डिजिटल क्रांति की ओर कदम
इस नई साझेदारी के जरिए 19 राज्यों में फैले 1,00,000 से अधिक क्लाइंट्स अब 1,000 से ज्यादा डिजिटल पेमेंट ऐप्स का उपयोग करके अपनी EMI का भुगतान कर पाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया में Canara Bank 'बिलर ऑपरेटिंग यूनिट' (Biller Operating Unit) की भूमिका निभा रहा है, जो ट्रांजेक्शन को आसान और सुरक्षित बनाता है।
क्यों है यह बदलाव जरूरी?
माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में अब तक फिजिकल कैश कलेक्शन का बोलबाला रहा है, जिसमें स्टाफ को घर-घर जाकर पैसा जमा करना पड़ता है। यह न सिर्फ महंगा है, बल्कि इसमें सुरक्षा जोखिम और समय की बर्बादी भी अधिक होती है। डिजिटल मोड पर स्विच करने से NABFINS को अपना ऑपरेशनल खर्च घटाने और कलेक्शन एफिशिएंसी (Collection Efficiency) बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी।
बढ़ता जा रहा है Bharat Connect का दायरा
आंकड़ों पर गौर करें तो फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में इस प्लेटफॉर्म पर 18.8 करोड़ से ज्यादा ट्रांजेक्शन हुए हैं, जिनका कुल मूल्य करीब ₹1.23 लाख करोड़ रहा है। पिछले साल के मुकाबले ट्रांजेक्शन वॉल्यूम में 18% और वैल्यू में 31% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में तेजी से बदलते वित्तीय व्यवहार को दर्शाती है।
निवेशकों के नजरिए से, यह कदम कंपनी के 'कॉस्ट-टू-इनकम रेश्यो' में सुधार लाने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या यह डिजिटल मॉडल अन्य माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं के लिए एक बेंचमार्क बनेगा और कंपनी के मुनाफे पर इसका कितना असर पड़ता है।
