NABARD का बड़ा फैसला: ग्रामीण कर्ज की मांग पूरी करने के लिए जुटाएगी **$2 बिलियन**

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AuthorMehul Desai|Published at:
NABARD का बड़ा फैसला: ग्रामीण कर्ज की मांग पूरी करने के लिए जुटाएगी **$2 बिलियन**

ग्रामीण इलाकों में कर्ज की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए NABARD अब **$2 बिलियन** का फंड जुटाने की तैयारी कर रही है। घरेलू बाजार में ब्याज दरें बढ़ने के कारण कंपनी अब विदेशी कर्ज (ECB) का सहारा ले रही है, जिसके लिए RBI की विशेष फॉरेक्स स्वैप सुविधा का इस्तेमाल किया जाएगा।

विदेशी बाजार पर क्यों टिकी निगाहें?

देश में रेपो रेट के 5.25% से बढ़कर 5.50% होने के बाद घरेलू स्तर पर कर्ज लेना महंगा हो गया है। ऐसे में NABARD अपनी फंडिंग को सस्ता और डायवर्सिफाइड (diversified) बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख कर रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए सस्ती पूंजी की उपलब्धता बनी रहेगी।

RBI की फॉरेक्स स्वैप सुविधा का मिलेगा सहारा

NABARD इस फंड को जुटाने के लिए Reserve Bank of India (RBI) की 'US डॉलर-रुपया फॉरेक्स स्वैप सुविधा' का लाभ उठाएगी। यह विंडो जनवरी 2027 तक खुली है, जो NABARD को करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव (volatility) से सुरक्षा देगी। इससे विदेशी मुद्रा जोखिम (exchange rate risk) कम होगा और बैंक सुरक्षित रूप से अंतरराष्ट्रीय पूंजी जुटा पाएगा।

इन सेक्टरों को मिलेगी ताकत

यह फंड मुख्य रूप से कृषि, ग्रामीण आवास, नॉन-फार्म ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स (SHGs) के लिए लिक्विडिटी बढ़ाने में मदद करेगा। NABARD की यह रणनीति सिर्फ कर्ज देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह नए वित्तीय साधनों जैसे 'जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल' इंस्ट्रूमेंट्स में भी निवेश कर रही है, जैसा कि हाल ही में National Skill Development Corporation के साथ देखा गया।

अब बाजार की नजरें इस बात पर हैं कि $2 बिलियन का यह कर्ज NABARD को किस ब्याज दर पर मिलता है, क्योंकि यही ग्लोबल निवेशकों का भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था के प्रति रुख तय करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.