Biocon के निवेशकों के लिए आज की खबर अहम है। कंपनी की एक बड़ी शेयरधारक, Mylan (Viatris का हिस्सा), ने ब्लॉक डील के ज़रिए अपनी पूरी **5.64%** हिस्सेदारी बेच दी है। इस डील से Biocon के शेयरों में **6.4%** की तेज़ी देखने को मिली है।
Mylan का Biocon से नाता खत्म, ₹3,678 करोड़ की डील
Mylan ने Biocon में अपनी 5.64% की पूरी हिस्सेदारी बेचकर कंपनी में अपने निवेश का अंत कर दिया है। यह सौदा 13 जुलाई को ब्लॉक डील के ज़रिए हुआ, जिसमें कुल 4.59 करोड़ शेयर ₹400 प्रति शेयर के भाव से बेचे गए। इस तरह, Mylan ने कुल ₹3,678.68 करोड़ जुटाए हैं।
शेयर में दिखी जबरदस्त तेज़ी
इस खबर के आते ही Biocon के शेयरों में बाज़ार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर स्टॉक 6.4% चढ़कर ₹437.3 पर पहुँच गया। प्रमोटर से जुड़ी इकाई के बाहर निकलने और नए संस्थागत निवेशकों के आने की खबर से शेयर में अच्छी ट्रेडिंग वॉल्यूम देखी गई।
36 संस्थागत निवेशकों की हुई एंट्री
इस बड़ी हिस्सेदारी को खरीदने में 36 घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। ICICI Prudential Mutual Fund सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा, जिसने करीब ₹1,475 करोड़ में 2.26% हिस्सेदारी खरीदी। इसके अलावा, Kotak Mahindra Mutual Fund और HDFC Mutual Fund जैसे अन्य बड़े घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने भी 0.71% हिस्सेदारी के साथ महत्वपूर्ण निवेश किया।
इस भागीदारी से कंपनी के बिजनेस मॉडल में संस्थागत निवेशकों का भरोसा झलकता है। SBI Mutual Fund, Axis Mutual Fund, Motilal Oswal AMC, और HDFC Life Insurance जैसी बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों और बीमा कंपनियों के साथ-साथ Goldman Sachs, Morgan Stanley, और Citigroup जैसे अंतर्राष्ट्रीय निवेश संस्थानों ने भी इस सौदे में भाग लिया। इससे यह संकेत मिलता है कि बाज़ार में यह बिकवाली बिना किसी बड़े दबाव के आसानी से अवशोषित हो गई।
आगे क्या मॉनिटर करें?
Biocon के लिए Mylan का जाना, जो बायोसिमिलर बिज़नेस में एक अहम पार्टनर थी, शेयरधारक संरचना में एक बड़ा बदलाव है। हालांकि Mylan द्वारा भविष्य में बड़ी बिकवाली का जोखिम खत्म हो गया है, निवेशक अब इस बात पर नज़र रखेंगे कि कंपनी अपनी रणनीतिक साझेदारी और पूंजी आवंटन (capital allocation) को कैसे आगे बढ़ाती है। Biocon ऐतिहासिक रूप से अपने ग्लोबल बायोसिमिलर बिज़नेस को बढ़ाने और अपने रिसर्च व मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन्स से जुड़े कर्ज को प्रबंधित करने पर ध्यान केंद्रित करती रही है।
शेयरधारकों के लिए मुख्य बात यह होगी कि कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने और अपने मुख्य बायोफार्मास्युटिकल सेगमेंट में ग्रोथ को जारी रखने में कितनी सफल रहती है। निवेशक आने वाले तिमाही नतीजों पर बारीकी से नज़र रखेंगे ताकि यह समझा जा सके कि कंपनी का प्रदर्शन इन नए संस्थागत शेयरधारकों की उम्मीदों के अनुरूप है या नहीं, खासकर तब जब वह ग्लोबल बायोसिमिलर सेक्टर में प्रतिस्पर्धी कीमतों का सामना कर रही है।
