Viatris की कंपनी Mylan, Biocon Ltd में अपनी पूरी **5.64%** हिस्सेदारी **₹378.50** प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर ब्लॉक डील्स के जरिए बेच रही है। यह कदम Biocon के हालिया मजबूत Q4 FY25 नतीजों के बाद आया है, जिसमें नेट प्रॉफिट **154%** उछला था। हालांकि, यह बिक्री मौजूदा बाजार भाव से डिस्काउंट पर है, जिससे शॉर्ट-टर्म में स्टॉक पर असर पड़ सकता है।
Mylan ने Biocon से क्यों किया एग्जिट?
Viatris के स्वामित्व वाली Mylan ने भारतीय बायोटेक दिग्गज Biocon Ltd से पूरी तरह बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी अपनी 5.64% हिस्सेदारी ब्लॉक डील्स के माध्यम से बेच रही है। यह सौदा ₹378.50 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर किया जा रहा है, जो मौजूदा बाजार भाव से लगभग 7.9% कम है। इस कदम से दोनों कंपनियों के बीच महत्वपूर्ण निवेश संबंध का अंत हो गया है, जो इसी साल शुरू हुआ था।
हिस्सेदारी की शुरुआत कैसे हुई?
Mylan की Biocon में हिस्सेदारी, Biocon Biologics से जुड़े एक स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग का नतीजा थी। जनवरी 2026 में, कंपनी ने शेयर स्वैप और कैश के एक सौदे को अंतिम रूप दिया, जिसके तहत Mylan को पैरेंट कंपनी Biocon Ltd में शेयरों का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट मिला था। इस ट्रांजैक्शन के कारण Mylan की भारतीय फर्म में हिस्सेदारी 6% से अधिक हो गई थी। इस बची हुई हिस्सेदारी को बेचकर, Mylan प्रभावी रूप से उस पोजीशन को लिक्विडेट कर रही है जो उसे Biocon के साथ अपने बायोलॉजिक्स बिजनेस के कंसॉलिडेशन के बाद मिली थी।
Biocon के फाइनेंशियल नतीजे
यह विनिवेश (Divestment) ऐसे समय में हुआ है जब Biocon ने फाइनेंशियल ईयर 2025 की चौथी तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹344.5 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹135.5 करोड़ की तुलना में 154% अधिक है। यह आंकड़ा विश्लेषकों की उम्मीदों से कहीं बेहतर था, जिन्होंने नेट प्रॉफिट लगभग ₹167.7 करोड़ रहने का अनुमान लगाया था। तिमाही के लिए रेवेन्यू में भी 12.8% की सालाना वृद्धि हुई और यह ₹4,417 करोड़ रहा, जो मार्केट के ₹4,168.6 करोड़ के अनुमान से अधिक था। इसके अलावा, कंपनी ने ₹1,078.2 करोड़ का EBITDA भी रिपोर्ट किया, जो मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए मायने
शेयरधारकों के लिए, इस डेवलपमेंट का मुख्य प्रभाव यह है कि ब्लॉक डील्स के जरिए मार्केट में बड़ी मात्रा में शेयर आ रहे हैं। चूंकि फ्लोर प्राइस बाजार दर से डिस्काउंट पर सेट किया गया है, इसलिए इस ब्लॉक को मार्केट द्वारा सोखने के दौरान स्टॉक पर अस्थायी दबाव देखा जा सकता है। ऐतिहासिक रूप से, बड़े इंस्टीट्यूशनल शेयरधारकों के एग्जिट से अक्सर शॉर्ट-टर्म में प्राइस वोलेटिलिटी (Price Volatility) आती है। हालांकि, इस बिकवाली को Mylan द्वारा एक स्ट्रैटेजिक कैपिटल मैनेजमेंट निर्णय के रूप में देखा जा रहा है, न कि Biocon के मौजूदा ऑपरेशनल हेल्थ पर किसी नकारात्मक संकेत के तौर पर। निवेशकों को यह देखना होगा कि यह बड़ी बिकवाली पूरी होने के बाद स्टॉक प्राइस कैसे स्थिर होता है। अब शेयरधारकों का ध्यान Biocon की क्षमता पर शिफ्ट होगा कि वह Viatris/Mylan के साथ अपनी पार्टनरशिप स्ट्रक्चर से स्वतंत्र होकर आने वाली तिमाहियों में अपने मार्जिन एक्सपेंशन और ग्रोथ मोमेंटम को कैसे बनाए रख पाती है।
