📉 क्यों आया इतना मुनाफा?
Muzali Arts Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही और नौ महीनों के अपने अन-ऑडिटेड वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का Q3 FY26 का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹16.41 लाख रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही (Q3 FY25) के ₹6.43 लाख की तुलना में 155% ज्यादा है। वहीं, नौ महीनों (9M FY26) में कंपनी ने ₹24.45 लाख का PAT कमाया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹278.37 लाख का घाटा (Loss) था। इस अवधि में प्रति शेयर आय (EPS) भी बढ़कर ₹0.03 हो गई है।
🚫 मुनाफे की असली वजह और चिंताजनक हकीकत
लेकिन, इस मुनाफे की नींव कमजोर दिख रही है। कंपनी के ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू (Revenue) शून्य रहा है। कंपनी की कुल आय सिर्फ 'Other Income' से आई है, जो Q3 FY26 में ₹9.43 लाख और 9M FY26 में ₹30.48 लाख रही। वहीं, Q3 FY26 के लिए कुल खर्चे ₹3.71 लाख दर्ज किए गए।
🚩 ऑडिटर की चेतावनी: NBFC नियमों का उल्लंघन और अनवेरिफाइड लोन
सबसे बड़ी चिंता कंपनी के स्टैच्युटरी ऑडिटर की रिपोर्ट से सामने आई है। उन्होंने बताया है कि Muzali Arts Limited नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के मापदंडों को पूरा करती है, लेकिन उसने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है और न ही प्रूडेंशियल नॉर्म्स (prudential norms) का पालन किया है। यह एक गंभीर रेगुलेटरी चूक है।
इसके अलावा, ऑडिटर ₹6.62 करोड़ के 'Loan & Advance' पोर्टफोलियो का वैल्यू वेरिफाई नहीं कर सके, क्योंकि उन्हें जरूरी कन्फर्मेशन नहीं मिले। यह कंपनी की बैलेंस शीट पर एक बड़ा अमाउंट है जिसकी असलियत और वैल्यू अनिश्चित है।
एक और चिंताजनक बात यह है कि Jalan & Jalan Collection Inc. में किया गया एक इन्वेस्टमेंट, जिसे पहले सब्सिडियरी (subsidiary) माना जा रहा था, अब शून्य रुपये पर राइट-डाउन (write-down) कर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि अक्टूबर 2022 से इस इन्वेस्टमेंट वाली कंपनी का कोई एक्टिव ऑपरेशन नहीं है।
🧭 आगे का रास्ता और जोखिम
Muzali Arts Limited का भविष्य अनिश्चित है। कोर बिजनेस से रेवेन्यू का पूरी तरह से गायब होना, साथ ही ऑडिटर की गंभीर टिप्पणियां – जैसे NBFC नियमों का पालन न करना, बड़े लोन अमाउंट का अनवेरिफाइड होना, और इन्वेस्टमेंट का राइट-डाउन – कंपनी की वित्तीय सेहत और ऑपरेशनल वायबिलिटी पर बड़े सवाल खड़े करती हैं। निवेशकों को यहाँ बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।