Adani Enterprises, Bajaj Finance में Mutual Funds की बढ़ी हिस्सेदारी, जून में ₹28,973 करोड़ का आया इनफ्लो

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AuthorAditya Rao|Published at:
Adani Enterprises, Bajaj Finance में Mutual Funds की बढ़ी हिस्सेदारी, जून में ₹28,973 करोड़ का आया इनफ्लो

Mutual Funds ने जून के महीने में Adani Enterprises और Bajaj Finance में अपनी हिस्सेदारी काफी बढ़ाई है। कुल इक्विटी इनफ्लो **26%** बढ़कर **₹28,973 करोड़** हो गया। यह कदम मजबूत परफॉर्मेंस रिपोर्ट के बाद फाइनेंशियल और लार्ज-कैप स्टॉक्स की ओर एक स्ट्रेटेजिक बदलाव को दर्शाता है।

Adani Enterprises और Bajaj Finance बने आकर्षण का केंद्र

भारतीय म्यूचुअल फंड्स ने जून में निफ्टी 50 कंपनियों को तरजीह दी, रिकॉर्ड ₹28,973 करोड़ के नेट इक्विटी इनफ्लो का बड़ा हिस्सा लार्ज-कैप कंपनियों में लगाया। फंड मैनेजर्स ने प्राइवेट बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और कंज्यूमर स्टेपल्स पर ध्यान केंद्रित किया।

Adani Enterprises में संस्थागत खरीदारी बढ़ी। जून में म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स 30.5% बढ़कर 6.51 करोड़ शेयर हो गई, जिनकी वैल्यू करीब ₹19,760 करोड़ है। यह कंपनी के मजबूत ईयर-टू-डेट प्रदर्शन और एडानी ग्रुप के लगातार नए प्रोजेक्ट्स जोड़ने के कारण है। हालांकि, Adani Enterprises में निफ्टी की तुलना में अधिक वोलैटिलिटी (Volatility) देखी जाती है, जिससे कीमतों में बड़े उतार-चढ़ाव का जोखिम रहता है।

Bajaj Finance में भी संस्थागत स्वामित्व बढ़ा, म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स 8.3% बढ़कर 57.42 करोड़ शेयर हो गई। कंपनी के ₹5.46 लाख करोड़ के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (Assets Under Management) में पिछले साल की तुलना में 24% की बढ़ोतरी हुई है। नए लोन बुकिंग में 20% का ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखा गया, जो इसके मुख्य रिटेल लेंडिंग बिजनेस में लगातार डिमांड को दर्शाता है। नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर में एक प्रमुख खिलाड़ी होने के नाते, इसका प्रदर्शन ब्याज दरों और क्रेडिट ग्रोथ के बीच एसेट क्वालिटी बनाए रखने की क्षमता से जुड़ा है।

PSU और कंज्यूमर स्टेपल्स में भी निवेश

फाइनेंशियल और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े स्टॉक्स के अलावा, फंड मैनेजर्स ने स्थिर बिजनेस में भी रुचि दिखाई। Coal India में म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स 7.2% बढ़ी। कंज्यूमर स्पेस में Hindustan Unilever और Nestle India की होल्डिंग्स क्रमशः 4.7% और 4.2% बढ़ी। यह एक डिफेंसिव रोटेशन (Defensive Rotation) का संकेत है, खासकर जब फंड मैनेजर्स इनपुट लागत कम होने और FMCG कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन में सुधार की उम्मीद करते हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या ये कंपनियां डिमांड पैटर्न में उतार-चढ़ाव के बीच वॉल्यूम ग्रोथ और मार्केट शेयर बनाए रख पाती हैं।

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