Mutual Fund Sector: सितंबर की गिरावट का असर, मुनाफे पर दबाव से सहमे निवेशक

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Mutual Fund Sector: सितंबर की गिरावट का असर, मुनाफे पर दबाव से सहमे निवेशक

सितंबर महीने में Nifty 50 में **5.56%** की भारी गिरावट ने एसेट मैनेजमेंट कंपनियों की सेहत बिगाड़ दी है। हालांकि इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर **₹87.2 लाख करोड़** पहुंच गया है, लेकिन ट्रेजरी इन्वेस्टमेंट पर मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान के कारण कंपनियों के शॉर्ट-टर्म मुनाफे पर दबाव दिख रहा है।

भारतीय एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री फिलहाल एक मुश्किल दौर से गुजर रही है। सितंबर में शेयर बाजार में आई गिरावट का असर अब कंपनियों की बैलेंस शीट पर दिखने लगा है। सितंबर में Nifty 50 इंडेक्स में 5.56% की गिरावट आई, जिसका नतीजा यह रहा कि करीब 95% इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीमों ने नेगेटिव रिटर्न दिया। इस गिरावट के कारण कंपनियों की होल्डिंग्स की वैल्यू घट गई है, जिसे 'मार्क-टू-मार्केट' (MTM) नुकसान कहा जा रहा है, जो सीधे तौर पर कंपनियों के 'अदर इनकम' (Other Income) को प्रभावित कर रहा है।

मुनाफे पर क्यों है दबाव?

म्यूचुअल फंड हाउस की कमाई सिर्फ मैनेजमेंट फीस से नहीं होती, बल्कि वे अपने ट्रेजरी और सीड इन्वेस्टमेंट से भी अच्छा मुनाफा कमाते हैं। बाजार में अस्थिरता के चलते इन निवेशों की वैल्यू घट गई है, जिससे नेट प्रॉफिट (Net Profit) कम होने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, इंडस्ट्री का बेस अभी भी मजबूत है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में इंडस्ट्री का कुल एवरेज एसेट अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) करीब 5% बढ़कर ₹87.2 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। इसमें ₹30,000 करोड़ से ज्यादा का मासिक SIP फ्लो एक बड़े सपोर्ट सिस्टम की तरह काम कर रहा है।

कंपनियों का मिला-जुला प्रदर्शन

सभी कंपनियों पर इसका असर एक जैसा नहीं है। Aditya Birla Sun Life AMC को EPFO के एक बड़े मैंडेट का फायदा मिला है, जिससे उनका एसेट बेस मजबूत बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर, HDFC AMC और Nippon India AMC जैसे शेयरों में पिछले तीन महीनों में करेक्शन देखने को मिला है।

निवेशक अब कंपनियों के अगले नतीजों पर नजर गड़ाए हुए हैं कि मैनेजमेंट इन ट्रेजरी लॉसेस से कैसे निपट रहा है। यदि बाजार में गिरावट का दौर जारी रहता है, तो सेक्टर की प्रॉफिटेबिलिटी पर और दबाव बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.