Muthoot Microfin के शेयरों में आज तूफानी तेजी देखने को मिली। कंपनी ने Q1 FY27 के लिए शानदार बिजनेस अपडेट जारी किया, जिसके बाद स्टॉक **16%** चढ़कर **₹245** पर पहुंच गया। कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में **18%** की ग्रोथ दर्ज की गई है और इसे एक अहम क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड भी मिला है।
AUM में जबरदस्त उछाल, ₹14,457 करोड़ पार
Muthoot Microfin के शेयर शुक्रवार को ₹245 के स्तर पर पहुंच गए, जो कि पिछले 52 हफ्तों का नया उच्चतम स्तर है। कंपनी के शुरुआती नतीजों पर निवेशकों ने जोरदार प्रतिक्रिया दी, जिससे स्टॉक में 16% का उछाल आया। इस दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी पिछले दिनों के औसत से 20 गुना ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई।
कर्ज़ बांटने में बड़ी बढ़त
कंपनी ने बताया कि 30 जून 2026 तक उसके कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर ₹14,457 करोड़ हो गए हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 18% ज्यादा है। इस ग्रोथ का मुख्य कारण तिमाही के दौरान 49% की तेज बढ़त के साथ ₹2,645 करोड़ के डिसबर्समेंट (कर्ज़ बांटना) हैं। कंपनी के पोर्टफोलियो में भी बदलाव आया है, जहां जॉइंट लायबिलिटी ग्रुप (JLG) लोन का हिस्सा घटकर 76% रह गया है, जबकि नॉन-JLG लोन का अनुपात बढ़कर 24% हो गया है। मार्च 2026 में यह अनुपात 83:17 था। इसका मतलब है कि कंपनी व्यक्तिगत लोन की ओर बढ़ रही है, जिनका कुल मूल्य बढ़कर ₹3,214 करोड़ हो गया है।
क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड का असर
बाजार में सकारात्मक माहौल की एक बड़ी वजह CRISIL द्वारा कंपनी की क्रेडिट रेटिंग में किया गया सुधार है। CRISIL ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म रेटिंग को CRISIL A+/Positive से बढ़ाकर CRISIL AA-/Stable कर दिया है। निवेशकों के लिए यह अपग्रेड इसलिए अहम है क्योंकि इससे कंपनी को बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से सस्ता फंड मिलने की उम्मीद है। उधार लेने की लागत कम होने से, कंपनी अपने लोन बुक का विस्तार करते हुए भी अपने मुनाफे के मार्जिन को बेहतर बनाए रख सकती है। कंपनी के पास ₹1,310 करोड़ का कैश रिजर्व भी है और ₹3,485 करोड़ की अनयूटिलाइज्ड क्रेडिट लाइन्स भी उपलब्ध हैं, जो कंपनी की मजबूत लिक्विडिटी को दर्शाती हैं।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और ग्रुप तालमेल
माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के लिए अहम माने जाने वाले कलेक्शन एफिशिएंसी (वसूलने की क्षमता) में भी सुधार हुआ है, जो 97.97% पर पहुंच गई है। यह पिछले तिमाही की तुलना में 157 बेसिस पॉइंट का सुधार है। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी पेरेंट कंपनी Muthoot Fincorp के साथ को-लेंडिंग अरेंजमेंट के जरिए गोल्ड लोन बांटना भी शुरू कर दिया है। Muthoot Pappachan Group के दूसरे सबसे बड़े बिजनेस सेगमेंट के तौर पर, Muthoot Microfin को ग्रुप के विशाल नेटवर्क और विशेषज्ञता का फायदा मिल रहा है। आगे चलकर, निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी अपनी कलेक्शन एफिशिएंसी को कैसे बनाए रखती है और नए रेगुलेटरी नियमों का सामना कैसे करती है, खासकर जब माइक्रोफाइनेंस संस्थानों को नॉन-क्वालिफाइड एसेट्स में 40% तक निवेश बढ़ाने की अनुमति मिल गई है। आने वाली तिमाहियों में व्यक्तिगत लोन पोर्टफोलियो को एसेट क्वालिटी बनाए रखते हुए बढ़ाने की क्षमता एक अहम फैक्टर होगी।
