मुंबई पुलिस की EOW, इंडसइंड बैंक के ₹2000 करोड़ के अकाउंटिंग लैप्स की जांच कर रही है, RBI से मांगी स्पष्टता।

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AuthorAditi Singh|Published at:
मुंबई पुलिस की EOW, इंडसइंड बैंक के ₹2000 करोड़ के अकाउंटिंग लैप्स की जांच कर रही है, RBI से मांगी स्पष्टता।
Overview

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) इंडसइंड बैंक में ₹2000 करोड़ के अकाउंटिंग लैप्स की जांच शुरू कर चुकी है। बैंक के कर्मचारियों और पूर्व शीर्ष प्रबंधन, जिसमें सीईओ सुmant kathpalia, सीएफओ Gobind Jain, और डिप्टी सीईओ Arun Khurana भी शामिल हैं, के बयान दर्ज किए गए हैं। EOW बैंकिंग नियमों, विशेष रूप से विदेशी मुद्रा हेजिंग (foreign currency hedging) के बारे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से स्पष्टता मांग रही है, और पूर्व अधिकारियों के खिलाफ अंदरूनी व्यापार (insider trading) के आरोपों की भी जांच कर रही है। यह जांच वर्तमान प्रबंधन द्वारा पूर्व शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ गलत नुकसान पहुंचाने की शिकायत पर आधारित है।

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) इंडसइंड बैंक में ₹2000 करोड़ के बड़े अकाउंटिंग लैप्स की जांच कर रही है। वर्तमान में यह जांच इस स्तर पर है कि EOW अधिकारी विशेष रूप से विदेशी मुद्रा हेजिंग प्रथाओं (foreign currency hedging practices) से संबंधित, विशिष्ट बैंकिंग नियमों और नीतियों पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से अतिरिक्त स्पष्टता मांग रहे हैं। लगभग 12 व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनमें कर्मचारी और पूर्व शीर्ष प्रबंधन अधिकारी जैसे पूर्व सीईओ सुmant kathpalia, पूर्व सीएफओ Gobind Jain, और पूर्व डिप्टी सीईओ Arun Khurana भी शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर ट्रेडिंग डेस्क की निगरानी की थी। ₹1900 करोड़ के अकाउंटिंग लैप्स के अलावा, ₹250 करोड़ की एक और एंट्री भी जांच के दायरे में है। जांच यह भी पड़ताल कर रही है कि क्या विदेशी मुद्रा हेजिंग एक कानूनी प्रथा थी, और सूत्रों का कहना है कि केवल RBI ही निश्चित मार्गदर्शन प्रदान कर सकती है। बैंक अधिकारियों ने बयानों में बताया कि जब खातों में कमी दिखाई दी तो नियमित प्रोविजनिंग (provisioning) के कारण अकाउंटिंग लैप्स हुए, जो 2023 से चली आ रही एक प्रथा है। ग्रांट थॉर्नटन (Grant Thornton) ऑडिट रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई है, जिसमें कथित तौर पर कहा गया है कि शीर्ष प्रबंधन को 2023 से इन लैप्स की जानकारी थी। EOW यह कानूनी राय भी प्राप्त कर रही है कि क्या इन लैप्स की ओर ले जाने वाली प्रक्रियाओं के लिए आपराधिक आरोप दायर किए जा सकते हैं। वर्तमान प्रबंधन ने बैंक को गलत नुकसान पहुंचाने और बाजार पूंजीकरण (market capitalization) में गिरावट लाने के आरोप में पूर्व शीर्ष प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। अंदरूनी व्यापार (insider trading) के आरोपों की भी जांच की जा रही है, जिसमें सुझाव दिया गया है कि पूर्व अधिकारियों ने इन लेखांकन समायोजनों (accounting adjustments) के माध्यम से शेयर की कीमतों को फुलाकर लाभ उठाया हो।

प्रभाव:
इस जांच का इंडसइंड बैंक के शेयर मूल्य, निवेशकों के विश्वास और नियामकों के साथ उसके संबंधों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। इससे वित्तीय क्षेत्र में बैंकिंग प्रथाओं और आंतरिक नियंत्रणों (internal controls) पर कड़ी निगरानी हो सकती है। आपराधिक आरोपों और भारी जुर्माने की संभावना नकारात्मक दृष्टिकोण को और बढ़ाती है।
रेटिंग: 8/10।

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