Mufin Green Finance के निवेशकों के लिए खुशखबरी! कंपनी ने पहली तिमाही में **345.6%** का ज़बरदस्त मुनाफा दर्ज किया है, जिससे इसका शेयर **₹143.90** के 52-हफ्ते के नए हाई पर पहुंच गया। AUM में बड़ी बढ़ोतरी और खास लेंडिंग सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ इस उछाल की मुख्य वजहें हैं।
मुनाफे में 346% का तूफानी उछाल!
Mufin Green Finance के शेयर 12 अगस्त 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹143.90 के 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर को छू गए। यह शानदार तेजी कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दमदार नतीजों के ऐलान के बाद आई है। एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करने वाली Mufin Green Finance ने ₹14.01 करोड़ का आफ्टर-टैक्स प्रॉफिट (Profit After Tax) घोषित किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 345.6% की भारी बढ़ोतरी है।
ऑपरेशन्स से रेवेन्यू (Revenue from operations) में भी 60.06% की ज़बरदस्त उछाल देखी गई और यह ₹76.86 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी की असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 69.4% की साल-दर-साल वृद्धि हुई, जो 30 जून 2026 तक ₹1,599.23 करोड़ तक पहुंच गई।
खास लेंडिंग सेक्टर्स में ग्रोथ के नए मंत्र
कंपनी की इस ग्रोथ का मुख्य कारण दो प्रमुख सेक्टर्स में मिली सफलता रही: मेडिक्लेम फाइनेंसिंग और सैलरी-लिंक्ड लेंडिंग, जिसे 'सैलरी साथी' के नाम से जाना जाता है। मेडिक्लेम फाइनेंसिंग, जो कुल AUM का 42% हिस्सा है, ने इस तिमाही में ₹247.08 करोड़ का डिस्बर्समेंट किया, जिसमें 48,000 से अधिक लोन शामिल हैं। वहीं, 'सैलरी साथी' सेगमेंट में भी खास तौर पर मार्च 2026 में असम में कंपनी के विस्तार के बाद गतिविधि बढ़ी है।
इस ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए, Mufin Green Finance ने अपने फंडिंग कॉस्ट को मैनेज करने पर ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी Union Bank of India और Wint Wealth जैसे नए लेंडर्स के साथ पार्टनरशिप के चलते अपनी उधारी की लागत को सफलतापूर्वक घटाकर पहली तिमाही में 11.17% पर ले आई है। जून 2026 तक, कंपनी का कैपिटल टू रिस्क एसेट्स रेशियो (Capital to Risk Assets Ratio) 30.55% पर मजबूत बना हुआ है, जो भविष्य के लेंडिंग ऑपरेशन्स के लिए एक अच्छा बफर प्रदान करता है।
फाइनेंसियल हेल्थ और निवेशकों को किन बातों पर रखना चाहिए नज़र?
हालांकि कंपनी ने मजबूत ग्रोथ दिखाई है, लेकिन NBFC के स्केल-अप होने पर निवेशक अक्सर लोन बुक की क्वालिटी पर नज़र रखते हैं। जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए, कंपनी ने 1.91% का ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) और 1.63% का नेट एनपीए (Net NPA) रेशियो रिपोर्ट किया है। जैसे-जैसे पोर्टफोलियो बढ़ेगा, इन एसेट क्वालिटी मेट्रिक्स को बनाए रखना या सुधारना महत्वपूर्ण होगा।
शेयरधारकों के लिए एक और महत्वपूर्ण पहलू स्टॉक का वैल्यूएशन (Valuation) है, क्योंकि यह वर्तमान में अपनी बुक वैल्यू के मुकाबले लगभग 4.7 गुना पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा, कंपनी को सेक्टर से जुड़े सामान्य जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है, जैसे कि ब्याज दरों में बदलाव होने पर फंडिंग लागत में संभावित अस्थिरता और स्पेशलाइज्ड प्रीमियम फाइनेंसिंग स्पेस में प्रवेश करने वाले अन्य लेंडर्स से प्रतिस्पर्धा का दबाव। कंपनी की मार्जिन सस्टेन करने, क्रेडिट कॉस्ट मैनेज करने और नए भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार जारी रखने की क्षमता से जुड़े भविष्य के अपडेट्स निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
