Mufin Green Finance: मुनाफा **22%** बढ़ा, पर कर्ज़ का बोझ चढ़ा! निवेशकों को क्या करना चाहिए?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Mufin Green Finance: मुनाफा **22%** बढ़ा, पर कर्ज़ का बोझ चढ़ा! निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Overview

Mufin Green Finance Limited के लिए Q3 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी ने जहां अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में **15.17%** की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की, वहीं मुनाफा भी **22.05%** उछलकर **₹700.53 लाख** पर पहुंच गया।

नतीजों का ब्यौरा

Mufin Green Finance Limited ने Q3 FY26 के नतीजे पेश किए हैं, जहाँ कंपनी ने रेवेन्यू और मुनाफे दोनों में अच्छी ग्रोथ दिखाई है। स्टैंडअलोन रेवेन्यू ऑफ ऑपरेशन्स 30.03% बढ़कर ₹ 5,592.73 लाख हो गया, जबकि स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (PAT) 15.69% बढ़कर ₹ 700.83 लाख पर पहुंच गया। वहीं, कंसोलिडेटेड आधार पर, रेवेन्यू 15.17% बढ़कर ₹ 5,592.73 लाख रहा और कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 22.05% बढ़कर ₹ 700.53 लाख दर्ज किया गया। नौ महीनों के लिए कंसोलिडेटेड PAT ₹ 1,717.52 लाख रहा, जिसका बेसिक EPS ₹ 1.01 था।

गुणवत्ता पर नजर (The Quality)

हालांकि, इन सकारात्मक नतीजों के साथ ही, कंपनी के बढ़ते वित्तीय लीवरेज (Financial Leverage) पर ध्यान देना जरूरी है। दिसंबर 2025 के अंत तक, कंसोलिडेटेड डेट-इक्विटी रेश्यो (Debt-Equity Ratio) बढ़कर 3.24 हो गया है, जो पिछले साल के 2.53 से काफी ज्यादा है। स्टैंडअलोन डेट-इक्विटी रेश्यो भी 2.48 से बढ़कर 3.24 हो गया है। इसी तरह, टोटल डेट्स का टोटल एसेट्स से रेश्यो भी 0.68 से बढ़कर 0.73 हो गया है।

इस बढ़ते कर्ज के बोझ का असर फाइनेंस कॉस्ट (Finance Costs) पर भी साफ दिख रहा है। Q3 FY26 में कंसोलिडेटेड फाइनेंस कॉस्ट में 49.82% की भारी बढ़ोतरी हुई, जो ₹ 3,538.80 लाख तक पहुंच गई, जबकि Q3 FY25 में यह ₹ 2,361.78 लाख थी। यह बढ़ोतरी भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव डाल सकती है।

प्रशासनिक पहलू

इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association) में नोमिनी डायरेक्टर (Nominee Director) से जुड़े क्लॉज में बदलाव को मंजूरी दी है, जो शेयरधारकों की पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) के जरिए होने वाली मंजूरी पर निर्भर करेगा।

जोखिम और आगे की राह (Risks & Outlook)

निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता कंपनी का बढ़ता लीवरेज और फाइनेंस कॉस्ट है। यह वित्तीय जोखिम को बढ़ाता है। निवेशकों को कंपनी की कर्ज चुकाने की क्षमता, कर्ज प्रबंधन की रणनीति और नकदी प्रवाह (Cash Flow) उत्पन्न करने की क्षमता पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

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