एसेट और वेल्थ मैनेजमेंट का दम!
Motilal Oswal Financial Services (MOFS) के नतीजे बताते हैं कि कंपनी का एसेट और प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट (PWM) सेगमेंट इस बार सबसे बड़ा परफॉर्मर रहा। इस सेगमेंट का ऑपरेटिंग प्रॉफिट टैक्स के बाद 48% बढ़कर ₹338 करोड़ पर पहुंच गया।
खासकर, एसेट मैनेजमेंट (जिसमें अल्टरनेटिव्स भी शामिल हैं) का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 63% बढ़कर ₹249 करोड़ रहा। पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) की बात करें तो एसेट मैनेजमेंट का PAT 55% बढ़कर ₹798 करोड़ तक पहुंच गया।
इन सेगमेंट्स में टोटल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 32% बढ़कर ₹1.76 लाख करोड़ हो गया। इसमें म्यूचुअल फंड AUM में 31% का उछाल और प्राइवेट अल्टरनेटिव्स AUM में 104% की जबरदस्त बढ़ोतरी शामिल है। MOFS ने FY26 में नेट म्यूचुअल फंड फ्लो में 6.6% का मार्केट शेयर हासिल किया, जो कि इसके 2.7% AUM मार्केट शेयर से कहीं ज्यादा है। वहीं, SIP इनफ्लो 78% बढ़कर ₹16,479 करोड़ रहा, जो रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है।
प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट (PWM) ने भी अपनी चमक बिखेरी। Q4 में इसका PAT 18% बढ़कर ₹88 करोड़ रहा, जबकि नेट फ्लो में 66% की वृद्धि देखी गई। पूरे फाइनेंशियल ईयर में PWM PAT 15% बढ़कर ₹368 करोड़ हुआ और नेट फ्लो 41% बढ़कर ₹20,154 करोड़ रहा। हालांकि, वेल्थ मैनेजमेंट डिवीजन के ओवरऑल प्रदर्शन में थोड़ी मिली-जुली तस्वीर दिखी, जहां Q4 PAT 7% बढ़कर ₹204 करोड़ रहा, लेकिन पूरे साल का PAT 7% घटकर ₹727 करोड़ रह गया।
अन्य सेगमेंट्स का कैसा रहा प्रदर्शन?
कैपिटल मार्केट्स (Capital Markets) ऑपरेशन ने भी अच्छा योगदान दिया। Q4 में PAT 12% बढ़कर ₹75 करोड़ रहा और FY26 PAT 30% बढ़कर ₹336 करोड़ हुआ। इसका श्रेय QIPs और IPOs में कंपनी की मजबूत रैंकिंग को जाता है।
हाउसिंग फाइनेंस (Housing Finance) डिवीजन ने भी दमदार ग्रोथ दिखाई। Q4 PAT 61% बढ़कर ₹59 करोड़ रहा और FY26 PAT 22% बढ़कर ₹159 करोड़ पर पहुंचा। एशियन डेवलपमेंट बैंक (Asian Development Bank) से मिले $100 मिलियन के फंड ने इसे और मजबूत किया। कंपनी की ट्रेजरी बुक 12% बढ़कर ₹9,403 करोड़ हो गई, जिसने FY26 में करीब 5% का अल्फा (Alpha) जनरेट किया।
शेयर का हाल और भविष्य का अनुमान
29 अप्रैल 2026 को Motilal Oswal Financial Services का शेयर 0.34% की मामूली बढ़त के साथ ₹785.45 पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹47,270 करोड़ है।
विश्लेषकों का भरोसा कंपनी पर कायम है। चार विश्लेषकों ने इसका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹1,058.75 रखा है, जो कि 34% से अधिक की संभावित तेजी का संकेत देता है। ICRA ने भी अक्टूबर 2025 में अपनी लॉन्ग-टर्म रेटिंग को '[ICRA]AA+ (Stable)' पर बरकरार रखा था।
हालांकि, कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि ट्रेजरी बुक में मार्क-टू-मार्केट (MTM) एडजस्टमेंट के कारण पूरा PAT ऑपरेटिंग PAT से कम रहा। साथ ही, कंपनी पहले SEBI के साथ एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग और एश्योर्ड रिटर्न से जुड़े मामलों को ₹100,000 का भुगतान करके सुलझा चुकी है।
