Motilal Oswal ने HDFC Bank पर अपना पॉजिटिव रुख (Positive Stance) बरकरार रखा है और शेयर के लिए **₹1,100** का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज ने FY26 में बैंक की **12.1%** की दमदार लोन ग्रोथ को इसकी वजह बताया है।
मजबूत एसेट-लायबिलिटी मैनेजमेंट और फंडिंग कॉस्ट
Motilal Oswal के अनुसार, HDFC Bank ने अपने एसेट-लायबिलिटी मैनेजमेंट (Asset-Liability Management) में काफी सुधार किया है। FY26 में बैंक का क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेशियो 94.6% रहा, जो पिछले साल 96.5% था। इससे पता चलता है कि बैंक अब ज्यादा संतुलित तरीके से लोन दे रहा है और डिपॉजिट जुटा रहा है।
इसके अलावा, बैंक ने होलसेल बोरिंग्स (Wholesale Borrowings) पर अपनी निर्भरता भी काफी कम कर दी है। मर्जर के बाद मार्च 2026 तक यह बोरिंग्स बैलेंस शीट का केवल 11% रह गई थीं, जो पहले 18% तक पहुंच गई थीं। अनुमान है कि FY28 तक यह घटकर 8% हो सकती है। इससे बैंक को अपनी फंडिंग कॉस्ट (Funding Cost) को कंट्रोल करने और प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
ग्रोथ के नए इंजन और डिजिटल इंटीग्रेशन
HDFC Bank अपनी फिजिकल ब्रांच के विस्तार और डिजिटल प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने में लगातार निवेश कर रहा है। छोटे और मध्यम उद्योगों को दिए जाने वाले लोन में 17% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखी गई है, जबकि बैंक ने अनसिक्योर्ड लेंडिंग (Unsecured Lending) के मामले में सावधानी बरती है।
बैंक अब ऑपरेटिंग लेवरेज (Operating Leverage) को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रहा है, यानी बिना ऑपरेटिंग खर्चों में बड़े इजाफे के रेवेन्यू बढ़ाना। इसमें हाल के वर्षों में खोली गई ब्रांचेज का बेहतर इस्तेमाल और कस्टमर सर्विस व क्रॉस-सेलिंग जैसे ऑपरेशन्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल शामिल है।
FY28 के लिए वित्तीय अनुमान
Motilal Oswal का अनुमान है कि FY28 तक HDFC Bank के लोन में 14.1% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) और अर्निंग्स में 14.2% की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। ब्रोकरेज के अनुसार, FY28 तक बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (Return on Assets) 1.9% और रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) 14.9% रहने का अनुमान है।
₹1,100 प्रति शेयर का वैल्यूएशन FY28 के अनुमानित बुक वैल्यू (Book Value) के 2.2 गुना पर आधारित है, जिसमें इसकी सब्सिडियरी कंपनियों का वैल्यू भी शामिल है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में बैंक की डिजिटल और ऑपरेशनल स्ट्रेटेजीज के एग्जीक्यूशन के साथ-साथ कॉम्पिटिटिव माहौल में डिपॉजिट ग्रोथ बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए।
