Motilal Oswal Alternates ने अपने India Realty Excellence Fund IV (IREF IV) से पूरी तरह बाहर निकलने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। साल 2020 में लॉन्च किए गए इस **₹1,155 करोड़** के फंड ने निवेशकों को **20.4%** का शानदार IRR (Internal Rate of Return) प्रदान किया है।
Motilal Oswal Alternates ने अपने रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ₹1,155 करोड़ के फंड IREF IV को सफलतापूर्वक बंद कर दिया है। यह फंड मुख्य रूप से रेजिडेंशियल डेवलपर्स को स्ट्रक्चर्ड क्रेडिट मुहैया कराने के उद्देश्य से बनाया गया था, जिसने 37 अलग-अलग निवेशों के जरिए 20.4% का रिटर्न दर्ज किया है। यह निवेश सात प्रमुख भारतीय शहरों में फैला हुआ था, जिसने महामारी के कठिन समय और बढ़ती इनपुट कॉस्ट के दौर में भी स्थिरता बनाए रखी।
रियल एस्टेट फाइनेंसिंग की बदलती चाल
इस फंड ने Casagrand, Puravankara और Kolte Patil Developers जैसे नामी डेवलपर्स के साथ मिलकर काम किया। फंड की मुख्य रणनीति प्रोजेक्ट्स के शुरुआती चरणों में फंडिंग मुहैया कराना थी, जहां पारंपरिक बैंक अक्सर लोन देने से कतराते हैं। इस कदम ने डेवलपर्स को लिक्विडिटी क्रंच (Liquidity Crunch) के समय बड़ी राहत दी और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने में मदद की।
रिस्क और बाजार का गणित
हालांकि 20.4% का रिटर्न काफी आकर्षक दिख रहा है, लेकिन रियल एस्टेट फंड्स में निवेश के साथ कुछ रिस्क भी जुड़े होते हैं। ये फंड प्रॉपर्टी मार्केट के चक्र, ब्याज दरों में बदलाव और डेवलपर्स की काम करने की क्षमता पर निर्भर करते हैं। साथ ही, इन इन्वेस्टमेंट की लिक्विडिटी इक्विटी या अन्य डेट इंस्ट्रूमेंट्स की तुलना में कम होती है, जिसके लिए निवेशकों को लंबे नजरिए के साथ धैर्य रखना पड़ता है।
अब कंपनी का पूरा ध्यान अपने नए फंड IREF VI पर है। Motilal Oswal Financial Services फिलहाल अपने अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट डिवीजन के तहत $3 बिलियन से ज्यादा की संपत्ति का प्रबंधन कर रही है, जो भारतीय रियल एस्टेट बाजार में इनकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
