Morgan Stanley की चेतावनी: 2030 तक एसेट मैनेजर्स पर बढ़ेगा दबाव, घटेंगी फीस

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Morgan Stanley की चेतावनी: 2030 तक एसेट मैनेजर्स पर बढ़ेगा दबाव, घटेंगी फीस

ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री का AUM रिकॉर्ड **$159 ट्रिलियन** के पार पहुँच गया है, लेकिन Morgan Stanley ने निवेशकों को सतर्क किया है। मैनेजमेंट फीस में कमी के कारण अब मुनाफा कमाना पहले के मुकाबले मुश्किल होता जा रहा है।

Morgan Stanley की लेटेस्ट रिपोर्ट एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री के लिए एक जटिल तस्वीर पेश कर रही है। साल 2026 की शुरुआत तक टोटल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) $159 ट्रिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 15% की बढ़त है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि यह ग्रोथ नए निवेश की जगह मार्केट परफॉर्मेंस और करेंसी मूवमेंट से आई है।

रेवेन्यू और एसेट्स के बीच बढ़ती खाई

रिपोर्ट के अनुसार, एसेट्स तो बढ़ रहे हैं लेकिन रेवेन्यू उस रफ्तार से नहीं बढ़ पा रहा है। इंडस्ट्री का रेवेन्यू 7% की सालाना दर से बढ़ने का अनुमान है, जबकि एसेट्स में 9% की ग्रोथ दिख रही है। इसकी मुख्य वजह है घटती मैनेजमेंट फीस, जिसके 35 बेसिस पॉइंट्स से घटकर 32 बेसिस पॉइंट्स पर आने की आशंका है। यह सीधा संकेत है कि बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ेगा।

प्राइवेट मार्केट्स और AI ही सहारा

इस मार्जिन प्रेशर से निपटने के लिए कंपनियां अब हाई-मार्जिन वाले 'प्राइवेट मार्केट्स' की ओर शिफ्ट हो रही हैं। अनुमान है कि 2030 तक कुल इंडस्ट्री रेवेन्यू का 39% हिस्सा यहीं से आएगा, भले ही इनका योगदान टोटल एसेट्स में केवल 15% हो।

इसके अलावा, टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अनिवार्य हो गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को पूरी तरह अपनाने वाली कंपनियां अपने कॉस्ट-टू-इनकम रेश्यो में 15 फीसदी तक का सुधार कर सकती हैं। आने वाले समय में निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी होगा कि कंपनियां वॉल्यूम ग्रोथ और घटती फीस के बीच कैसे तालमेल बिठाती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.