PFC और REC के शेयरों में **20 अगस्त 2026** को **3%** तक की गिरावट देखने को मिली। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मॉर्गन स्टैनली (Morgan Stanley) ने दोनों कंपनियों की रेटिंग घटाकर 'Equal-weight' कर दी और उनके प्राइस टारगेट (Price Targets) भी कम कर दिए। ब्रोकरेज ने **Q1 FY27** में लोन ग्रोथ (Loan Growth) में आई भारी कमी को इसकी वजह बताया है, जो सेक्टर के मुकाबले काफी धीमी है।
क्यों गिरी PFC और REC की रेटिंग?
सरकारी पावर फाइनेंस कंपनियों Power Finance Corporation (PFC) और REC Limited के शेयरों में 20 अगस्त 2026 को इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान 3% तक की गिरावट दर्ज की गई। इस बिकवाली की मुख्य वजह मॉर्गन स्टैनली (Morgan Stanley) द्वारा की गई रेटिंग में कटौती है। ब्रोकरेज ने दोनों कंपनियों की रेटिंग 'Overweight' से घटाकर 'Equal-weight' कर दी है और उनके प्राइस टारगेट (Price Targets) में भी भारी कटौती की है।
PFC के लिए ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटाकर ₹410 कर दिया है, जबकि REC के लिए यह ₹360 रखा गया है। यह बदलाव इन कंपनियों के हालिया प्रदर्शन और भारतीय वित्तीय प्रणाली के क्रेडिट ट्रेंड्स (Credit Trends) के बीच बड़े अंतर को दर्शाता है।
लोन ग्रोथ में आई भारी कमी
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (Q1 FY27) में लोन ग्रोथ (Loan Growth) का धीमा पड़ना है। PFC ने पिछले साल की तुलना में केवल 4% की लोन ग्रोथ दर्ज की, वहीं REC की ग्रोथ घटकर 1% रह गई। इसकी तुलना में, पूरे वित्तीय सिस्टम में नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 18.3% तक पहुंच गई, और पावर सेक्टर में बैंक क्रेडिट में 23.8% की बढ़ोतरी देखी गई।
मॉर्गन स्टैनली का कहना है कि ये आंकड़े उम्मीदों से काफी कम हैं, भले ही पहले ग्रोथ अनुमानों को पहले ही कम किया गया था। ब्रोकरेज के अनुसार, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में सार्थक ग्रोथ का रास्ता अब और मुश्किल हो गया है।
मार्जिन पर दबाव और कमाई का अनुमान
अब निवेशक यह देख रहे हैं कि ये कंपनियां ग्रोथ और मुनाफे के बीच कैसे संतुलन बनाएंगी। मॉर्गन स्टैनली ने कहा है कि इन कंपनियों के सामने एक मुश्किल फैसला है: मार्केट शेयर बनाए रखने के लिए उन्हें शायद लोन पर ज्यादा प्रतिस्पर्धी कीमत देनी पड़े, जिससे उनके प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margins) कम हो सकते हैं। दूसरी तरफ, अगर वे मार्जिन को प्राथमिकता देती हैं, तो लोन ग्रोथ धीमी रह सकती है।
इसके अलावा, ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में सुधार से कमाई बढ़ाने की गुंजाइश बहुत कम है। क्योंकि खराब एसेट्स (Impaired Assets) का अनुपात पहले से ही ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर के करीब है, इसलिए कंपनियां मुनाफे को बढ़ाने के लिए एसेट रिकवरी पर ज्यादा निर्भर नहीं रह सकती हैं।
इन चिंताओं को देखते हुए, मॉर्गन स्टैनली ने PFC के लिए FY28 के कोर अर्निंग्स पर शेयर (EPS) अनुमान को 5.5% और FY29 के लिए 7% तक घटा दिया है। REC के लिए भी इसी तरह की कटौती की गई है, जिसमें दोनों अवधियों के लिए EPS अनुमान 5% और 7% कम कर दिए गए हैं।
भविष्य में, निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि क्या लोन ग्रोथ वापस डबल-डिजिट लेवल पर आ पाती है। ब्रोकरेज का मानना है कि इन शेयरों पर सकारात्मक दृष्टिकोण पर फिर से विचार करने के लिए कर्ज देने में महत्वपूर्ण विस्तार की वापसी आवश्यक होगी। तब तक, बाजार संभवतः आगामी तिमाही नतीजों पर ध्यान केंद्रित करेगा ताकि यह देखा जा सके कि लोन बांटने और मार्जिन स्थिरता में सुधार के कोई शुरुआती संकेत मिलते हैं या नहीं।
