MobiKwik ने Q2 FY27 के लिए **₹11.8 करोड़** का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो लगातार चौथी तिमाही में मुनाफे को दर्शाता है। लेंडिंग और मर्चेंट पेमेंट में जबरदस्त ग्रोथ के बावजूद, निवेशक पुरानी फ्रॉड घटना के असर पर भी नजर बनाए हुए हैं।
Fintech कंपनी MobiKwik ने सितंबर 2026 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही में अब तक का अपना सबसे ऊंचा कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹11.8 करोड़ दर्ज किया है। यह पिछले साल की समान अवधि के ₹28.6 करोड़ के नुकसान से एक बड़ा टर्नअराउंड है। 2 नवंबर 2026 को नतीजों की घोषणा के बाद कंपनी के शेयर में 10% के करीब उछाल देखा गया।\n\n### ग्रोथ के मुख्य ड्राइवर\n\nकंपनी की ग्रोथ में लेंडिंग वर्टिकल और भारी ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का बड़ा हाथ रहा है। लेंडिंग डिस्बर्सल्स 34% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,082.6 करोड़ तक पहुंच गए हैं, जो कि इस तिमाही में ₹1,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर गए हैं। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म का ग्रॉस मर्चेंट वैल्यू (GMV) 35% बढ़कर ₹59,677 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि ऑपरेटिंग रेवेन्यू 9.4% बढ़कर ₹295.7 करोड़ रहा।\n\n### AI का तड़का और मार्जिन में सुधार\n\nमैनेजमेंट ने इस सफलता का श्रेय AI-ड्रिवन इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया है। कंपनी का 92% कोडबेस अब AI जनरेटेड है, जिससे नए प्रोडक्ट लॉन्च करने की स्पीड में 55% का सुधार आया है। इन तकनीकी प्रयासों और ऑटोमेटेड रिस्क असेसमेंट टूल्स के कारण कंपनी ने ₹22.7 करोड़ का रिकॉर्ड EBITDA हासिल किया है, और मार्जिन बढ़कर 7.5% हो गया है। पेमेंट्स बिजनेस में ग्रॉस मार्जिन भी 884 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 38.2% पर पहुंच गया है।\n\n### जोखिम और भविष्य की राह\n\nपरिणामों में सुधार के बीच, कंपनी 2025 की एक तकनीकी घटना के असर को संभालने में जुटी है, जिसमें ₹40.4 करोड़ के अनधिकृत सेटलमेंट का मामला सामने आया था। कंपनी ने अब तक ₹27.6 करोड़ वसूल कर लिए हैं और बाकी के लिए ₹11.8 करोड़ का प्रावधान (Credit Loss) रखा है। आगे चलकर कंपनी अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी MobiKwik Distribution Services के जरिए लेंडिंग पोर्टफोलियो को स्केल करने पर ध्यान दे रही है। RBI से NBFC लाइसेंस और पेमेंट एग्रीगेटर के लिए इन-प्रिंसिपल मंजूरी के साथ, कंपनी FY28 तक मर्चेंट-केंद्रित फाइनेंशियल सेवाओं में विस्तार की तैयारी कर रही है।
