Milky Mist Dairy Food का IPO 13 अगस्त 2026 को बंद हुआ, जिसमें निवेशकों ने **59.08 गुना** से ज्यादा का सब्सक्रिप्शन दिखाया। संस्थागत निवेशकों (institutional investors) की ओर से मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया से यह संभव हुआ। ₹133 से ₹140 के प्राइस बैंड के साथ, कंपनी अब 18 अगस्त को शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए तैयार है। हालांकि, निवेशक कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं के साथ-साथ भारी कर्ज और एक ही राज्य में संचालन जैसे जोखिमों को भी तौल रहे हैं।
Milky Mist Dairy Food के इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) ने 13 अगस्त 2026 को अपनी सब्सक्रिप्शन विंडो बंद कर दी। इस दौरान सभी तरह के निवेशकों से शानदार मांग देखी गई। कुल मिलाकर, इश्यू 59.08 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) सबसे आगे रहे, जिन्होंने 164.03 गुना का सब्सक्रिप्शन हासिल किया। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने 36.75 गुना और रिटेल निवेशकों ने 8.86 गुना सब्सक्रिप्शन दिया।
इस पब्लिक ऑफर का प्राइस बैंड ₹133 से ₹140 प्रति शेयर रखा गया था, जिसका मकसद ₹1,553 करोड़ जुटाना है। इसमें ₹1,428 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹125 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। इश्यू पब्लिक के लिए खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹465.30 करोड़ जुटा लिए थे।
कर्ज घटाने और विस्तार की योजनाएं
इस फंड जुटाने का मुख्य उद्देश्य कंपनी की वित्तीय सेहत को सुधारना है। Milky Mist पर फिलहाल कर्ज का दबाव है, जिसका नेट बोर्रोविंग (net borrowings) लगभग ₹1,671.85 करोड़ बताया गया है। IPO से जुटाई गई राशि का एक बड़ा हिस्सा, यानी करीब ₹496.8 करोड़, इस कर्ज को चुकाने या प्री-पेमेंट (prepayment) के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
कर्ज कम करने के अलावा, कंपनी तमिलनाडु के पेरुनदुराई (Perundurai) में स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के आधुनिकीकरण और विस्तार पर करीब ₹469.2 करोड़ खर्च करने की योजना बना रही है। कंपनी अपने वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट सेगमेंट, जिसमें योगर्ट, क्रीम चीज़ और व्हे प्रोटीन जैसे उत्पाद शामिल हैं, से भविष्य की ग्रोथ की उम्मीद कर रही है। इस विस्तार का मकसद प्रोडक्शन कैपेसिटी (production capacity) बढ़ाना और कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर (cold-chain infrastructure) को बेहतर बनाना है, जो डेयरी सेक्टर में प्रोडक्ट क्वालिटी बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है।
ऑपरेशनल जोखिम और प्रतिस्पर्धियों से तुलना
निवेशकों का सेंटिमेंट (sentiment) सकारात्मक रहा है, लेकिन बिजनेस मॉडल से जुड़े कुछ खास जोखिम भी हैं जिन पर संभावित शेयरधारकों को ध्यान देना चाहिए। Milky Mist का संचालन एक ही जगह केंद्रित है, क्योंकि इसकी अधिकांश मैन्युफैक्चरिंग और प्रोसेसिंग तमिलनाडु की एक ही फैसिलिटी में होती है। इस साइट पर किसी भी तरह की ऑपरेशनल रुकावट कंपनी के रेवेन्यू (revenue) और प्रोडक्ट्स की सप्लाई करने की क्षमता पर बड़ा असर डाल सकती है।
इसके अलावा, डेयरी उद्योग में कड़ी प्रतिस्पर्धा है, जिसमें Hatsun Agro Product, Parag Milk Foods और Dodla Dairy जैसे स्थापित खिलाड़ी मौजूद हैं। इन प्रतिस्पर्धियों के पास मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क (distribution network) और कई राज्यों में फैले मैन्युफैक्चरिंग बेस (manufacturing base) हैं। साथ ही, कंपनी दूध खरीद की लागत और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है, जो प्रॉफिट मार्जिन (profit margins) पर दबाव डाल सकता है। जब स्टॉक ट्रेडिंग शुरू करेगा, तब इन लिस्टेड साथियों की तुलना में कंपनी का वैल्यूएशन (valuation) निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा।
सब्सक्रिप्शन बंद होने के बाद, शेयर 18 अगस्त 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है। लिस्टिंग के बाद, निवेशक कंपनी की विस्तार योजनाओं को बिना कर्ज का बोझ बढ़ाए पूरा करने की क्षमता पर, साथ ही खरीद लागत प्रबंधन (procurement costs) और मार्जिन बनाए रखने में उसके तिमाही प्रदर्शन पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
