Megha Engineering: MD पीवी कृष्णा रेड्डी की बड़ी तैयारी, **$700 मिलियन** के कर्ज से खरीदेंगे हिस्सेदारी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Megha Engineering: MD पीवी कृष्णा रेड्डी की बड़ी तैयारी, **$700 मिलियन** के कर्ज से खरीदेंगे हिस्सेदारी

Megha Engineering & Infrastructures (MEIL) के मैनेजिंग डायरेक्टर पीवी कृष्णा रेड्डी कंपनी में अपना मालिकाना हक मजबूत करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए वे अपने चाचा से **43%** हिस्सेदारी खरीदने हेतु **$700 मिलियन** की प्राइवेट क्रेडिट डील के लिए बातचीत कर रहे हैं।

बड़ी डील और फैमिली सेटलमेंट

इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Megha Engineering & Infrastructures Ltd (MEIL) के मैनेजिंग डायरेक्टर पीवी कृष्णा रेड्डी ने कंपनी पर अपनी पकड़ और मजबूत करने का प्लान बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार, वे कंपनी के चेयरमैन और अपने चाचा पमिरेड्डी पिच्ची रेड्डी के पास मौजूद 43% हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया में हैं। इस डील के लिए उन्हें करीब $700 मिलियन की राशि की जरूरत है, जिसके लिए वे ग्लोबल प्राइवेट क्रेडिट फर्मों से बातचीत कर रहे हैं।

प्राइवेट क्रेडिट का बढ़ता क्रेज

इस फंड के लिए Davidson Kempner Capital Management, Varde Partners और Elham Credit Partners जैसे बड़े नामों से चर्चा चल रही है। प्राइवेट क्रेडिट का मतलब उन लोन से है जो बैंक के बजाय नॉन-बैंक फाइनेंशियल कंपनियों से लिए जाते हैं। भारत में बड़े कॉर्पोरेट सौदों के लिए यह तरीका तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि इसमें पारंपरिक बैंकों के मुकाबले काम जल्दी होता है और शर्तें अधिक लचीली होती हैं, हालांकि इसकी ब्याज दरें थोड़ी ज्यादा हो सकती हैं।

निवेशकों के लिए क्या है मतलब?

साफ करना जरूरी है कि MEIL एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, इसलिए इसके शेयर शेयर बाजार (NSE या BSE) पर लिस्टेड नहीं हैं। यानी यह एक निजी पारिवारिक सेटलमेंट है और इसका रिटेल निवेशकों पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।

रिस्क और चुनौतियां

हालांकि यह डील मालिकाना हक को आसान बनाती है, लेकिन $700 मिलियन का भारी-भरकम कर्ज कंपनी के प्रमोटर्स पर दबाव डाल सकता है। इस कर्ज को चुकाने के लिए कंपनी को डिविडेंड, मुनाफे या अपनी परिसंपत्तियों (जैसे रोड प्रोजेक्ट्स) को बेचने पर निर्भर रहना होगा। यदि बिजनेस की रफ्तार धीमी होती है या कैश फ्लो में देरी आती है, तो यह कर्ज बोझ बन सकता है। कंपनी का लक्ष्य इस सेटलमेंट को मार्च 2027 तक पूरा करने का है। बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने ऑपरेशन्स पर बिना दबाव डाले इस भारी कर्ज का प्रबंधन कैसे करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.