मैथ्यू सिरियाक समर्थित Tonbo Imaging का IPO रिकॉर्ड तोड़ते हुए **135 गुना** सब्सक्राइब हुआ है। यह उनके पोर्टफोलियो की चौथी ऐसी डिफेंस कंपनी है, जिसे निवेशकों का इतना जबरदस्त प्यार मिला है।
Tonbo Imaging India का IPO 135.8 गुना ओवरसब्सक्राइब होकर बंद हुआ है। फ्लोरिनट्री एडवाइजर्स (Florintree Advisors) के पोर्टफोलियो में यह लगातार चौथा डिफेंस टेक्नोलॉजी स्टार्टअप है, जिसने 100 गुना से अधिक की मांग दर्ज की है। इससे पहले MTAR Technologies, Data Patterns और ideaForge ने भी साल 2021 से 2023 के दौरान ऐसी ही कामयाबी हासिल की थी।
प्राइसिंग का जादू
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस जबरदस्त रिस्पॉन्स के पीछे केवल डिफेंस सेक्टर का जोश नहीं, बल्कि फ्लोरिनट्री एडवाइजर्स की 'डिसिप्लिन प्राइसिंग' रणनीति है। वे अपने IPO को ऐसे वैल्यूएशन पर लाते हैं कि लिस्टिंग के दिन निवेशकों के लिए मुनाफे की जगह बनी रहे। इसी भरोसे की वजह से रिटेल और इंस्टीट्यूशनल निवेशक उनके पोर्टफोलियो पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं।
सेक्टर में तेजी का कारण
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Kotak Institutional Equities) के रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय डिफेंस सेक्टर FY27 तक एक बड़े इन्फ्लेक्शन पॉइंट (Inflection Point) की ओर बढ़ रहा है। सरकार की इंडिजनाइजेशन (Indigenisation) नीति और डिफेंस एक्सपोर्ट पर फोकस के चलते इन कंपनियों के पास 2 से 4 साल का ऑर्डर बुक पहले से तैयार है, जो रेवेन्यू की स्टेबिलिटी का भरोसा देता है।
जोखिम और वास्तविकता
निवेशकों को यह नहीं भूलना चाहिए कि डिफेंस कंपनियों का पूरा भविष्य सरकारी प्रोक्योरमेंट साइकिल और पॉलिसी बदलावों पर टिका होता है। अगर प्रोजेक्ट पूरा करने में देरी होती है या रॉ मटेरियल की लागत बढ़ती है, तो मार्जिन पर दबाव आ सकता है। साथ ही, जियोपॉलिटिकल तनाव भी डिमांड को प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या?
अब बाजार की नजरें फ्लोरिनट्री के अगले दांव यानी BotLab Dynamics पर हैं। यह ड्रोन बनाने वाली कंपनी अगले 12 से 24 महीनों में पब्लिक हो सकती है। चूंकि भारत का लक्ष्य 2030 तक ग्लोबल ड्रोन हब बनना है, इसलिए इस कंपनी के लिस्टिंग पर भी सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।
