बेल्जियम के अधिकारियों ने एक बड़े अंडरग्राउंड हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जांच में **82,000** WhatsApp मैसेज मिले हैं, जिनमें करेंसी के सीरियल नंबर का इस्तेमाल करके बैंकिंग सिस्टम के बाहर करोड़ों का लेनदेन किया जा रहा था।
बेल्जियम के अधिकारियों ने 'Traders of Greater Europe' नाम के एक गुप्त नेटवर्क की जांच के दौरान हवाला ऑपरेशंस के खतरनाक तौर-तरीके उजागर किए हैं। 532 ब्रोकर्स के बीच हुए 82,000 WhatsApp मैसेज से पता चला है कि कैसे दुनिया भर में अरबों यूरो को SWIFT जैसे बैंकिंग प्रोटोकॉल से बचाकर इधर-उधर किया जा रहा था।
बैंकिंग नियमों से खिलवाड़ का तरीका
पारंपरिक बैंकिंग इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स और वेरिफिकेशन पर चलती है, लेकिन यह नेटवर्क पूरी तरह से ट्रस्ट और फिजिकल ट्रांजैक्शन पर टिका था। जांच में सामने आया कि ये ब्रोकर्स पैसा फिजिकल तौर पर सीमा पार भेजने के बजाय, करेंसी नोटों के सीरियल नंबर और आईडी कार्ड्स की फोटो को डिजिटल टोकन की तरह इस्तेमाल करते थे। इसी के जरिए अंतरराष्ट्रीय हब्स के बीच सेटलमेंट किया जाता था, जिसका कोई भी औपचारिक फाइनेंशियल रिकॉर्ड नहीं होता था।
ग्लोबल फाइनेंस के लिए बढ़ता खतरा
यह खुलासा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हवाला का इस्तेमाल जहां प्रवासी मजदूरों द्वारा पैसा भेजने के लिए किया जाता है, वहीं इसका दुरुपयोग मानव तस्करी, ड्रग स्मगलिंग और आतंकी गतिविधियों जैसे कि 'Islamic State' के वित्तपोषण के लिए भी हो रहा है।
निवेशकों के लिए चेतावनी: Compliance Costs बढ़ेंगे
इस घटना के बाद ग्लोबल रेगुलेटर्स का रुख और सख्त होने वाला है। बैंकों, पेमेंट गेटवे और फिनटेक कंपनियों पर अब एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और नो योर कस्टमर (KYC) नॉर्म्स को और कड़ा करने का दबाव बढ़ेगा।
निवेशकों के लिए मुख्य बात यह है कि भविष्य में फाइनेंशियल कंपनियों का 'Compliance Cost' बढ़ सकता है। कंपनियों को अब ऐसी एडवांस टेक्नोलॉजी पर भारी निवेश करना होगा जो बिना वैध ट्रांजैक्शंस को बाधित किए, हवाला जैसे अनियमित मनी फ्लो को ट्रैक कर सके।
