M&M Finance के शेयर में तूफानी तेजी! 2 दिन में **17%** चढ़े, Q1 में **75%** बढ़ा मुनाफा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
M&M Finance के शेयर में तूफानी तेजी! 2 दिन में **17%** चढ़े, Q1 में **75%** बढ़ा मुनाफा

Mahindra & Mahindra Financial Services (M&M Finance) के शेयरों में पिछले दो दिनों में करीब **17%** की शानदार तेजी देखी गई है। कंपनी ने जून तिमाही में **75%** की जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ **₹927 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। बेहतर नेट इंटरेस्ट मार्जिन और कम लोन लॉस प्रोविजनिंग इस प्रदर्शन के पीछे मुख्य कारण रहे।

Detailed Coverage

शानदार नतीजों से निवेशकों में उत्साह

Mahindra & Mahindra Financial Services (M&M Finance) के शेयर बुधवार को ₹379.60 पर कारोबार करते हुए देखे गए। पिछले सत्र में मजबूत प्रदर्शन के बाद, पिछले दो ट्रेडिंग दिनों में शेयरों में कुल मिलाकर लगभग 17% का इजाफा हुआ है। यह तेजी कंपनी के जून 2026 तिमाही के नतीजों के बाद आई है, जिसमें पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में मुनाफे में 75% की वृद्धि दर्ज की गई थी।

दमदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस

कंपनी ने जून तिमाही में ₹927 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया। इस ग्रोथ का बड़ा श्रेय नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में हुए विस्तार को जाता है, जो पिछले साल के 6.7% से बढ़कर 7.3% हो गया। मैनेजमेंट का कहना है कि पिछली राइट्स इश्यू के बाद फंड की लागत कम होने से मार्जिन में सुधार हुआ है। मैनेजिंग डायरेक्टर Raul Rebello ने यह भी बताया कि भले ही ये फंडिग फायदे कम होने पर मार्जिन पर कुछ दबाव आ सकता है, कंपनी का लक्ष्य मध्यम अवधि में मार्जिन को 7% से ऊपर बनाए रखना है।

लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटेजी के तहत, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2031 तक अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को ₹3 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। जून तिमाही के दौरान, टोटल डिस्बर्समेंट में 22% की वृद्धि देखी गई, जो कंपनी के लेंडिंग ऑपरेशंस को बढ़ाने के प्रयासों को दर्शाता है।

ब्रोकरेज की राय और जोखिम

ब्रोकरेज फर्मों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है। HSBC ने स्टॉक को 'Buy' रेटिंग दी है, वहीं Jefferies ने 'Hold' रेटिंग बरकरार रखी है। Jefferies का मानना है कि कम प्रोविजनिंग के कारण मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, लेकिन नेट इंटरेस्ट मार्जिन में सीक्वेंशियल गिरावट देखी गई।

विश्लेषकों ने कुछ संभावित जोखिमों पर भी ध्यान दिलाया है। एक बड़ी चिंता कमजोर मॉनसून का ग्रामीण मांग और एसेट क्वालिटी पर पड़ने वाला असर है, क्योंकि कंपनी के लोन बुक का बड़ा हिस्सा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में है। एसेट क्वालिटी की बात करें तो, 90 दिनों से अधिक के डिलेड लोन का हिस्सा पिछले क्वार्टर के 3.41% से बढ़कर 3.45% हो गया है। मैनेजमेंट ने यह भी कहा कि वे क्रेडिट रिस्क को मैनेज करने के लिए भू-राजनीतिक अनिश्चितता से प्रभावित विशिष्ट सेगमेंट में एक्सपोजर कम कर रहे हैं।

निवेशक आने वाली तिमाहियों में मार्जिन को बनाए रखने, संभावित चुनौतीपूर्ण मॉनसून सीजन में क्रेडिट कॉस्ट को मैनेज करने और अपने लॉन्ग-टर्म एसेट ग्रोथ प्लान को लागू करने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.