Manappuram Finance के शेयरों में गुरुवार को करीब **5%** की गिरावट देखी गई और यह इंट्राडे में **₹346.05** के निचले स्तर तक लुढ़क गया। पिछले कई सालों से जारी शानदार रैली के बाद निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं, जबकि कंपनी के नतीजे बेहद मजबूत रहे हैं।
गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर Manappuram Finance का स्टॉक दबाव में दिखा। पिछले तीन सालों की जबरदस्त तेजी के बाद, निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो को बैलेंस करने के लिए बिकवाली का रास्ता चुना है।
शानदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस
दिलचस्प बात यह है कि शेयर में यह गिरावट कंपनी के मजबूत नतीजों के बावजूद आई है। Q1 FY2027 में कंपनी ने ₹585 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 341.4% की बड़ी बढ़त है। इस ग्रोथ में गोल्ड लोन एसेट्स का बड़ा योगदान रहा है। कंपनी अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए इस फाइनेंशियल ईयर में 500 नई गोल्ड लोन शाखाएं खोलने की योजना पर काम कर रही है।
रिस्क और बाजार का रुख
गोल्ड लोन सेगमेंट में तो डिमांड बनी हुई है, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स कुछ ऑपरेशनल रिस्क पर नजर रख रहे हैं। बढ़ती हुई 'कॉस्ट ऑफ बॉरोइंग' (उधार लेने की लागत) मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। इसके अलावा, कंपनी ने व्हीकल फाइनेंस जैसे नॉन-गोल्ड सेगमेंट में एसेट क्वालिटी को लेकर सतर्कता बरती है और पोर्टफोलियो बचाने के लिए फिलहाल फ्रेश डिस्बर्समेंट को रोक दिया है।
फिलहाल, मार्केट एनालिस्ट्स इसे एक 'टेक्निकल करेक्शन' मान रहे हैं। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह शेयर ₹346 के सपोर्ट लेवल पर खुद को संभाल पाता है या नहीं।
