मुनाफे में कैसे आई कंपनी?
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (31 मार्च 2026 को समाप्त) के नतीजे जबरदस्त रहे। Manappuram Finance Ltd. ने ₹404 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल की इसी अवधि में हुए ₹191 करोड़ के भारी नुकसान से बिल्कुल उलट है। कंपनी की कुल आय 11% बढ़कर ₹2,626 करोड़ तक पहुंच गई। इन शानदार नतीजों के बाद, सोमवार को कंपनी के शेयर में 3.67% का उछाल देखा गया और यह ₹305.15 पर बंद हुआ, जिसने Nifty 50 के 0.51% की बढ़त को पीछे छोड़ दिया। कंपनी ने ₹0.50 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है, जिसका रिकॉर्ड डेट 11 मई 2026 है।
हाई वैल्यूएशन पर चिंता
हालांकि, इन बेहतरीन नतीजों के बीच एक चिंता का विषय कंपनी का हाई वैल्यूएशन है। मई 2026 की शुरुआत में, Manappuram Finance का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 61.21x से 67.8x के बीच चल रहा था। यह उसके ऐतिहासिक औसत P/E 9.48x और भारतीय कंज्यूमर फाइनेंस सेक्टर के औसत 20.6x से काफी ज्यादा है। वहीं, इसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी Muthoot Finance का P/E रेशियो 14.71x से 16.35x है। Manappuram Finance का मार्केट कैप लगभग ₹25,000-26,000 करोड़ है, जबकि Muthoot Finance का वैल्यूएशन करीब ₹1.37 लाख करोड़ है। यह बड़ा अंतर बताता है कि निवेशक Manappuram Finance से कहीं ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं।
SEBI की चेतावनी ने बढ़ाई धुकधुकी
कमाई के मोर्चे पर अच्छी खबर के साथ ही कंपनी के मैनेजमेंट के लिए एक बुरी खबर भी आई है। SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने 27 अप्रैल 2026 को Manappuram Finance के मैनेजिंग डायरेक्टर V.P. Nandakumar को एक चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी सितंबर 2018 में शेयर एन्कम्ब्रेंस (share encumbrance) से जुड़े सौदों के डिस्क्लोजर में 7 दिन की देरी के कारण दी गई है। SEBI ने कहा कि यह टेकओवर नियमों का उल्लंघन था। कंपनी का कहना है कि यह चेतावनी व्यक्तिगत है और इसका लिस्टेड कंपनी के फाइनेंस या ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, ऐसे रेगुलेटरी वार्निंग से कंपनी के गवर्नेंस पर सवाल उठ सकते हैं। SEBI की चेतावनी की खबर सामने आने के बाद 25 अप्रैल 2026 को स्टॉक में 1.1% की गिरावट आई थी।
विश्लेषकों का रुख और भविष्य का अनुमान
विश्लेषकों का Manappuram Finance पर मिला-जुला लेकिन सतर्क रुख है। 'होल्ड' की सलाह के साथ टारगेट प्राइस लगभग ₹302.93 से ₹307.20 के आसपास है। कुछ फर्मों ने 'होल्ड' से 'बाय' रेटिंग अपग्रेड की है, जबकि अन्य ने 'होल्ड' रेटिंग और टारगेट प्राइस में बदलाव किया है। अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए अनुमानित ईपीएस (EPS) ₹11.35 है। निवेशकों को उम्मीद है कि कंपनी और ग्रोथ दिखाएगी, लेकिन स्टॉक का हाई वैल्यूएशन और SEBI की चेतावनी आने वाले समय में इसे और ऊपर जाने से रोक सकती है।
