UPI का जलवा! अब मालदीव से भारत में ऐसे भेजें झटपट पैसे, रेमिटेंस हुआ आसान

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AuthorMehul Desai|Published at:
UPI का जलवा! अब मालदीव से भारत में ऐसे भेजें झटपट पैसे, रेमिटेंस हुआ आसान

भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब मालदीव के 'Faraa' इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम से जुड़ गया है। इस इंटीग्रेशन से मालदीव में बैठे यूजर्स अब सीधे UPI-लिंक्ड बैंक अकाउंट्स में रियल-टाइम में पैसे भेज सकेंगे। शुरुआत में, दो बड़े मालदीवियन बैंक इस क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सुविधा में हिस्सा ले रहे हैं।

मालदीव से भारत में पैसे भेजना हुआ सुपरफास्ट!

भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और मालदीव के 'Faraa' पेमेंट सिस्टम के बीच इंटीग्रेशन हो गया है। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी घोषणा की, जिसके बाद अब मालदीव में रहने वाले लोग सीधे भारत के UPI-लिंक्ड बैंक खातों में तुरंत पैसे भेज पाएंगे। इस नई सुविधा से विदेश में पैसे भेजना अब काफी आसान और तेज हो गया है।

कौन से बैंक दे रहे हैं सुविधा?

फिलहाल, मालदीव के दो बड़े बैंक - बैंक ऑफ मालदीव पीएलसी (Bank of Maldives Plc) और मालदीव इस्लामिक बैंक पीएलसी (Maldives Islamic Bank Plc) - इस सर्विस का हिस्सा हैं। इन बैंकों के कस्टमर अब अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल करके Faraa प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे भारत में किसी को पैसे भेज सकते हैं। UPI के साथ जुड़ने से पुराने और धीमे मनी ट्रांसफर के तरीकों की जरूरत खत्म हो गई है।

आगे क्या?

अभी यह सुविधा सिर्फ पर्सन-टू-पर्सन (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति) ट्रांसफर के लिए है। लेकिन, भविष्य में इसमें QR-कोड से मर्चेंट पेमेंट जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

UPI का ग्लोबल विस्तार

यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत वे भारतीय डिजिटल पेमेंट सिस्टम को दुनिया भर में फैलाना चाहते हैं। मालदीव मॉनेटरी अथॉरिटी (MMA) के साथ मिलकर, भारत दोनों देशों के बीच व्यापार करने वाले लोगों और बिजनेसेज के लिए एक बेहतर पेमेंट कॉरिडोर बनाने की कोशिश कर रहा है। UPI पहले से ही सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका और कंबोडिया जैसे देशों में उपलब्ध है।

निवेशकों के लिए क्यों है खास?

UPI का अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार NPCI के लिए ग्रोथ का एक बड़ा जरिया है। भले ही UPI एक नॉन-प्रॉफिट पहल है, लेकिन इसका ग्लोबल एक्सेप्टेंस भारतीय फिनटेक की पहचान और विश्वसनीयता को बढ़ाता है। भारतीय निवेशकों के लिए, यह दिखाता है कि डिजिटल बैंकिंग का चलन बढ़ रहा है और फिनटेक इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व भी। निवेशक इस बात पर नजर रख सकते हैं कि ऐसे क्रॉस-बॉर्डर इंटीग्रेशन NPCI द्वारा प्रोसेस किए जाने वाले ट्रांजैक्शन वॉल्यूम को कैसे प्रभावित करते हैं और क्या ये पार्टनरशिप भविष्य में पेमेंट स्पेस में शामिल वित्तीय संस्थानों और टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए नए रेवेन्यू मॉडल तैयार कर सकती हैं। भविष्य में मर्चेंट पेमेंट्स की शुरुआत और दोनों क्षेत्रों में बैंकों की लिस्ट का विस्तार देखने लायक होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.