Mahindra & Mahindra Financial Services ने सितंबर 2026 तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए नेट प्रॉफिट में **55%** का उछाल दर्ज किया है और कंपनी का मुनाफा **₹882 करोड़** तक पहुंच गया है।
Mahindra & Mahindra Financial Services ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में दमदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 54.8% बढ़कर ₹882 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी दौरान ₹569.3 करोड़ था। इस ग्रोथ के पीछे नेट इंटरेस्ट इनकम का 17.3% बढ़कर ₹2,822 करोड़ होना और नेट इंटरेस्ट मार्जिन का 7% पर स्थिर रहना मुख्य वजह रहा।
मुनाफे के पीछे का असली खेल
इस बार मुनाफे में बढ़त का एक बड़ा कारण प्रोविजनिंग में की गई कटौती है। कंपनी ने बैड लोन्स के लिए प्रोविजन और राइट-ऑफ को 16% घटाकर ₹630 करोड़ कर दिया है। अगर इस प्रोविजनिंग के असर को हटा दें, तो कंपनी का कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट 20% बढ़ा है, जो बिजनेस की मजबूती को दर्शाता है।
लोन बुक और एसेट क्वालिटी
कंपनी का टोटल एसेट अंडर मैनेजमेंट 15% बढ़कर ₹1,46,512 करोड़ पहुंच गया है, जो ग्रामीण और सेमी-अर्बन मार्केट में व्हीकल फाइनेंसिंग की बढ़ती मांग को दिखाता है। सबसे अच्छी बात यह रही कि एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। ओवरड्यू लोन (ग्रॉस स्टेज 2 और 3) घटकर 8.1% रह गए हैं, जो पिछले साल 9.7% थे।
निवेशकों के लिए नजरिया
आगे चलकर निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या कंपनी अपनी क्रेडिट कॉस्ट को इसी स्तर पर बनाए रख पाएगी। कंपनी का प्रदर्शन काफी हद तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर निर्भर है, इसलिए मैनेजमेंट की कलेक्शन एफिशिएंसी और रिस्क मैनेजमेंट आने वाली तिमाहियों में शेयर की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
