Mahindra & Mahindra Financial Services ने दूसरी तिमाही में **61%** का जबरदस्त मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी ने **22%** की लोन डिस्बर्समेंट ग्रोथ दिखाई है, हालांकि फंडिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण नेट इंटरेस्ट मार्जिन **7%** पर सिमट गया है।
मुनाफे में उछाल की कहानी
Mahindra & Mahindra Financial Services ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने इस दौरान कुल ₹16,499 करोड़ के लोन बांटे, जो पिछले साल के मुकाबले 22% ज्यादा है। कंपनी के कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर ₹1,56,311 करोड़ पर पहुंच गए हैं, जिसमें नॉन-व्हीकल फाइनेंसिंग में 52% की ग्रोथ का बड़ा हाथ रहा है।
मार्जिन पर क्यों है दबाव?
ऑपरेशनल मोमेंटम के बावजूद कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में गिरावट आई है। यह पिछले तिमाही के मुकाबले 30 बेसिस पॉइंट्स घटकर 7% रह गया है। इसकी मुख्य वजह उधारी की लागत बढ़ना और कंपनी का लिक्विडिटी के लिए बड़ा कैश बफर बनाए रखना है, जिस पर रिटर्न कम मिल रहा है।
एसेट क्वालिटी में सुधार
अच्छी खबर यह है कि कंपनी की एसेट क्वालिटी सुधरी है। लोन में तनाव दिखाने वाले 'ग्रॉस स्टेज 2 और 3' एसेट्स पिछले साल के 9.7% से घटकर 8.1% पर आ गए हैं। इसके अलावा, क्रेडिट कॉस्ट में भी 50 बेसिस पॉइंट्स से ज्यादा की कमी देखी गई है, जो रिकवरी में सुधार का संकेत है।
आगे की राह और चुनौतियां
कंपनी अब अपनी सब्सिडियरी Mahindra Rural Housing Finance के साथ मर्जर की प्रक्रिया पर काम कर रही है ताकि सिक्योर लोन बिजनेस को बढ़ाया जा सके। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स अभी भी कंपनी के ग्रामीण अर्थव्यवस्था के प्रति भारी एक्सपोजर और फिक्स्ड-रेट लोन पोर्टफोलियो को लेकर सतर्क हैं। चूंकि इन लोन्स को आसानी से री-प्राइस नहीं किया जा सकता, इसलिए बढ़ती ब्याज दरों के माहौल में मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है। निवेशकों के लिए अगले कुछ क्वार्टर में कंपनी की फंड जुटाने की लागत और रूरल डिमांड का मैनेजमेंट सबसे अहम होगा।
