Mahindra Finance ने नए वित्त वर्ष की शानदार शुरुआत की है। कंपनी ने Q1 FY27 के लिए अपने कोर मुनाफे में पिछले साल की तुलना में **31%** की वृद्धि दर्ज की है। यह बढ़त मुख्य रूप से ट्रैक्टर और पैसेंजर व्हीकल फाइनेंसिंग में मजबूत मांग के कारण संभव हुई। हालांकि, लिक्विडिटी होल्डिंग्स बढ़ने से नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटकर **7.3%** पर आ गया, लेकिन कंपनी ने **2.4%** का स्थिर रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) बनाए रखा।
Detailed Coverage
ट्रैक्टर और पैसेंजर व्हीकल फाइनेंसिंग का कमाल
Mahindra & Mahindra Financial Services, जिसे आमतौर पर Mahindra Finance के नाम से जाना जाता है, ने जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही में अपने कोर अर्निंग्स में 31% का शानदार ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ दर्ज किया है। इस दमदार प्रदर्शन के पीछे कंपनी के ट्रैक्टर और पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में रिकॉर्ड स्तर पर हुए डिस्बर्समेंट का बड़ा हाथ है। ये दोनों सेगमेंट मिलकर कंपनी के कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) का आधा हिस्सा हैं।
लिक्विडिटी का असर और मार्जिन की चाल
कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में तिमाही-दर-तिमाही 20 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है और यह 7.3% पर आ गया है। इसका मुख्य कारण कंपनी द्वारा ₹5,000 करोड़ का लिक्विडिटी बफर रखना है। हालांकि, इस मार्जिन दबाव को फी-बेस्ड इनकम में बढ़ोतरी और कम क्रेडिट कॉस्ट ने संतुलित किया, जिससे रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) पिछले तिमाही के मुकाबले 2.4% पर स्थिर बना रहा।
एसेट क्वालिटी पर पैनी नजर
कंपनी की एसेट क्वालिटी पर भी खास ध्यान दिया गया। पिछले आठ तिमाहियों में पहली बार, कंपनी का संयुक्त ग्रॉस स्टेज 2 और 3 एसेट रेशियो घटकर 8.3% पर आ गया है। वहीं, ग्रॉस स्टेज 3 एसेट क्वालिटी रेशियो में मामूली बढ़ोतरी के साथ यह 3.5% रहा। मैनेजमेंट का कहना है कि कलेक्शन एफर्ट्स और स्लिपेज नियंत्रण में रहे।
भविष्य की ग्रोथ प्लानिंग
Mahindra Finance का लक्ष्य अगले कुछ सालों में अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 16-18% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करना है। कंपनी अपने स्थापित कोर मोबिलिटी बिजनेस (जिसमें 11-12% ग्रोथ की उम्मीद है) और नए बिजनेस सेगमेंट्स (जिनमें 28-30% की तेज ग्रोथ की उम्मीद है) के बीच फोकस बांटेगी। इस स्ट्रेटेजी का अहम हिस्सा लोन प्रोसेसिंग स्पीड बढ़ाने के लिए डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करना और रूरल डिमांड को टारगेट करना है।
1.6 गुना के फॉरवर्ड वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा यह स्टॉक, कंपनी के डाइवर्सिफिकेशन एफर्ट्स और सुधरी हुई एसेट क्वालिटी को लेकर निवेशकों के भरोसे को दिखाता है। कंपनी की सिक्योर लेंडिंग पर बढ़ता फोकस, बाजार की किसी भी स्थिति में क्रेडिट कॉस्ट को स्थिर रखने में मदद करेगा। अब निवेशकों की नजर कंपनी की नई सेगमेंट्स में एक्सपैंड करते हुए एसेट क्वालिटी बनाए रखने की क्षमता और इंटरेस्ट रेट साइकिल्स के बॉरोइंग कॉस्ट पर पड़ने वाले असर पर होगी।
