Q4 FY26 के नतीजे बताते हैं कि कंपनी का प्रदर्शन बेहद मज़बूत रहा। कंसोलिडेटेड आधार पर नेट प्रॉफिट ₹940 करोड़ रहा, जो कि पिछले साल की इसी अवधि से दोगुना से भी ज़्यादा है। वहीं, स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 55% बढ़कर ₹873 करोड़ पर आ गया। इस शानदार परफॉर्मेंस के पीछे 13% की साल-दर-साल (YoY) रेवेन्यू ग्रोथ रही, जो ₹4,810 करोड़ तक पहुंच गई।
कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 12% का विस्तार हुआ, जबकि कुल डिस्बर्समेंट 11% बढ़कर ₹17,184 करोड़ तक पहुंच गया। खासकर, ट्रैक्टर डिस्बर्समेंट सेगमेंट में 60% से अधिक की ज़बरदस्त तेज़ी देखने को मिली, जो ग्रामीण मांग में मज़बूती का संकेत है। कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 7.5% पर स्थिर बना रहा, जिसका मुख्य कारण बेहतर यील्ड्स और नियंत्रित फंडिंग कॉस्ट हैं।
हालांकि, कंपनी ने अपने कामकाज में जोखिम प्रबंधन पर भी ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी ने ₹217 करोड़ का प्रोविजन (Provision) संभावित आर्थिक जोखिमों के लिए अलग रखा है। इसके बावजूद, एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है, और स्टेज 3 एसेट्स का रेश्यो घटकर 3.4% पर आ गया है। कंपनी का प्रोविजन कवरेज लगभग 59% रहा, जो कि एक मज़बूत बफर दिखाता है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि क्रेडिट कॉस्ट 1.5% से 1.7% के बीच रह सकती है।
इन शानदार नतीजों के बावजूद, Mahindra Finance का शेयर वैल्यूएशन (Valuation) अपने साथियों जैसे Aditya Birla Capital और ICICI Lombard की तुलना में थोड़ा कम नज़र आता है। कंपनी का P/E रेश्यो लगभग 16.58x है, जो कि कम है। बाज़ार की नज़र में लोन बुक कॉन्सेंट्रेशन (Loan Book Concentration) और ग्रोथ की स्थिरता को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
विश्लेषकों (Analysts) का इस स्टॉक पर मिला-जुला नज़रिया है। एक ओर जहां कई लोग इसे 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं और ₹363 का टारगेट प्राइस दे रहे हैं, वहीं कुछ 'Hold' की सलाह भी दे रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले कुछ सालों में 15-17% AUM ग्रोथ और लगभग 14% रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) हासिल करना है। कंपनी AI का इस्तेमाल करके अपनी उत्पादकता बढ़ाने की भी योजना बना रही है।
