Mahindra & Mahindra Financial Services ने अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में **12%** की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अब **₹1.34 लाख करोड़** हो गया है। वहीं, कंपनी के कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में **27%** का उछाल आया है। कंपनी अब स्ट्रक्चर्ड ग्रोथ और बेहतर गवर्नेंस पर फोकस कर रही है।
Detailed Coverage
नई राह पर Mahindra Finance
Mahindra & Mahindra Financial Services ने अपने इंटरनल सिस्टम्स में कई सालों तक चले सुधार के बाद अब अनुशासित और सस्टेनेबल ग्रोथ की ओर कदम बढ़ाया है। 21 जुलाई, 2026 को हुई एनुअल जनरल मीटिंग में चेयरमैन अनिश शाह ने बताया कि कंपनी ने अपनी गवर्नेंस, रिस्क मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है।
दमदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी के लेटेस्ट फाइनेंशियल रिजल्ट्स इस ऑपरेशनल बदलाव को दर्शाते हैं। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंसोलिडेटेड प्रॉफिटेबिलिटी में 27% की ग्रोथ देखी गई, जिसमें 12% की बढ़ोतरी वाले एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) का बड़ा योगदान रहा, जो अब ₹1.34 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। नॉन-बैंकिंग फाइनेंस सेक्टर में निवेशकों के लिए एसेट क्वालिटी एक अहम पैमाना है, जिसमें सुधार देखने को मिला है। कंपनी ने FY26 के लिए अपने ग्रॉस स्टेज-3 एसेट्स (खराब लोन या ज़्यादा डिफॉल्ट रिस्क वाले लोन) को 3.4% पर रिपोर्ट किया है। ग्रामीण और सेमी-अर्बन इलाकों में फाइनेंसिंग जारी रखते हुए इस एसेट क्वालिटी को बनाए रखना कंपनी के लिए ज़रूरी है।
टेक्नोलॉजी और ऑपरेशनल नींव
'प्रोजेक्ट उड़ान' इस स्ट्रेटेजी का अहम हिस्सा है, जो कंपनी के ऑपरेशनल बैकबोन को मॉडर्नाइज करने के लिए एक कॉम्प्रिहेंसिव डिजिटल इनिशिएटिव है। डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को इंटीग्रेट करके, कंपनी रिस्क असेसमेंट प्रोसेस को बेहतर बनाने और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। कंपनी मैनेजमेंट ने टेक्नोलॉजी को लेकर बैलेंस्ड अप्रोच पर ज़ोर दिया है, ताकि बेहतर क्रेडिट डिसीजन लेने के साथ-साथ साइबर सिक्योरिटी और ऑपरेशनल रिस्क को कम किया जा सके।
स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन और मार्केट
Mahindra Finance व्हीकल फाइनेंस स्पेस में लीडर बनी हुई है, लेकिन अब वह अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने पर भी काम कर रही है। कंपनी की स्ट्रेटेजी ग्रामीण और सेमी-अर्बन मार्केट में मौजूदा कस्टमर्स के साथ रिलेशनशिप को गहरा करने के लिए ट्रेडिशनल व्हीकल लेंडिंग से आगे बढ़कर नए प्रोडक्ट्स पेश करना है। मैनेजमेंट का लक्ष्य प्रोडक्ट एक्सपेंशन को अधिक अनुशासित रिस्क एपेटाइट के साथ जोड़ना है। NBFC सेक्टर में कंप्टीशन को देखते हुए यह कदम काफी अहम है, जहां खिलाड़ियों को तेज़ी से क्रेडिट ग्रोथ की ज़रूरत और हेल्दी मार्जिन व कम डिफॉल्ट बनाए रखने की ज़रूरत के बीच संतुलन बनाना पड़ता है।
निवेशक आने वाले समय में नए बिज़नेस सेगमेंट्स को इंटीग्रेट करते हुए कंपनी की 27% प्रॉफिट ग्रोथ को बनाए रखने की क्षमता पर नज़र रखेंगे। आने वाले क्वार्टर्स के लिए ग्रॉस स्टेज-3 एसेट रेशियो की स्थिरता, एक्सपैंडेड प्रोडक्ट कैटेगरीज़ में क्रेडिट ग्रोथ की रफ़्तार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में किए गए निवेश से मिलने वाले वास्तविक फायदे मुख्य निगरानी बिंदु होंगे। नए प्रोडक्ट्स को स्केल करते हुए कंपनी की मार्जिन प्रोफाइल को बनाए रखने की क्षमता उसके लॉन्ग-टर्म परफॉर्मेंस के लिए ज़रूरी होगी।
